रांची। रघुवर दास कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविकाओं-सहायिकाओं के काम करने की अधिकतम उम्रसीमा 60 से बढ़ा कर 62 वर्ष कर दी है। इस आशय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने बुधवार को मंजूरी दी। यह जानकारी कैबिनेट सचिव ने दी। बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी।
पारा शिक्षकों, बीआरपी, सीआरपी के लिए कल्याण कोष
कैबिनेट के एक फैसले के अनुसार पारा शिक्षकों, बीआरपी, सीआरपी तथा कस्तूरबा के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा गया है। इनके लिए कल्याण कोष के रूप में 10 करोड़ राज्य सरकार जमा करायेगी। इसके ब्याज से लाभुकों का भुगतान हो सकेगा। इनके बीमार पड़ने की स्थिति में इस कोष से राशि उनके खातों में दी जायेगी।
विधानसभा का विशेष सत्र कल
कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 13 सितंबर को नवनिर्मित भवन के सेंट्रल हॉल के स्थान पर सभा वेश्म में आहूत किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस सत्र में शोक प्रकाश के बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा और अन्य चर्चाएं होंगी।
मंजूर किये गये अन्य प्रस्ताव
कैबिनेट ने झारखंड परिवहन प्रवर्तन शाखा संवर्ग नियमावली 2019 के अनुमोदन की स्वीकृति दी। झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004 यथा संशोधित 2019 के नियम के तहत लगान की दरों में संशोधन को स्वीकृति दी गयी। कैबिनेट ने आमोद कुमार (तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल गोड्डा), डॉ प्रतीक कुमार (चिकित्सा पदाधिकारी सदर अस्पताल, रांची) को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी। राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक के पद पर संविदा के आधार पर डॉ एके बापुली को नियुक्त करने की स्वीकृति दी गयी।
पत्रकारों के लिए कई योजनाओं की सौगात
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पत्रकार जीवन बीमा योजना को स्वीकृति दी। इसके अलावा झारखंड में सेवा देने वाले मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से आच्छादित करने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना की प्रीमियम राशि 330 रुपये वार्षिक तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की प्रीमियम राशि 12 रुपये वार्षिक का भुगतान झारखंड पत्रकार कल्याण कोष से किया जायेगा। पत्रकारों की मृत्यु होने पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत आश्रित को दो लाख रुपये दिये जायेंगे। पत्रकार के दुर्घटना में निधन होने पर प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आश्रित को दो लाख रुपये दिये जायेंगे। पूर्ण विकलांगता की स्थिति में पत्रकार को दो लाख तथा आंशिक विकलांगता होने पर एक लाख रुपया दिया जायेगा। पत्रकार के दुर्घटना में निधन होने पर चार लाख उनके आश्रित को मिल सकेगा।
महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य एचआईवी एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना, स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा राष्ट्रीय पारिवारिक परिवारिक लाभ योजना के संशोधित मार्गनिर्देश की स्वीकृति मंत्रिपरिषद ने प्रदान की। इसके तहत अब ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ तथा शहरी क्षेत्रों में सीओ द्वारा लाभुकों की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
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