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    Home»Breaking News»र्विलांस कैमरे से पकड़ी गई पांगोंग त्सो झील के पास चीन की गतिविधि
    Breaking News

    र्विलांस कैमरे से पकड़ी गई पांगोंग त्सो झील के पास चीन की गतिविधि

    shivam kumarBy shivam kumarSeptember 2, 2020No Comments5 Mins Read
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    एक अधिकारी के मुताबिक चीन की यथास्थिति बदलने की कोशिशों को रोकने में पैंगोंग त्सो झील के साउथ बैंक पर लगे सर्विलांस कैमरे ने भारतीय सेना की मदद की.

    ‘द हिंदू’ अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत ने मंगलवार को कहा था कि चीन ने 29 और 30 अगस्त की रात को पैंगोंग त्सो लेक के साउथ बैंक क्षेत्र में भड़काऊ सैन्य हरकत करते हुए यथास्थिति को तोड़ने की कोशिश की और इसके अगले दिन भी ऐसी कार्रवाई की जिसे नाकाम कर दिया गया.

    अधिकारी ने बताया है कि ये सर्विलेंस कैमरा इतने बेहतरीन हैं कि इस इलाक़े में हो रही हलचल को दूर से भी कैद कर सकते हैं. उन्होंने कहा, “कैमरे में चीनी सैनिकों की हलचल देखने के बाद भारतीय सेना तुरंत हरकत में आ गई और चीनी सैनिकों को एलएसी पार करने से रोक दिया.”

    अधिकारी ने ये भी बताया की चीन ने भी अपनी तरफ़ इसी तरह का कैमरा लगाया हुआ है.

    मंगलवार को भारत में चीनी दूतावास ने भी कहा था कि भारत उकसाने वाली हरकत बंद करे और अपने उन सैनिकों को तत्काल वापस बुला ले जिन्होंने ग़लत तरह से वास्तविक नियंत्रण रेखा या एलएसी का उल्लंघन किया है.इससे पहले लद्दाख की ही गलवान घाटी में 15 जून को दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी और इसमें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी. इसके बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है लेकिन तनाव अब भी कायम है.

    स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लद्दाख के पांगोंग त्सो झील के किनारे आईटीबीपी के जवान झंडा लहराते हुए

    ‘हालात 1962 से ज़्यादा बदतर होंगे’

    “अगर भारत सैन्य मुक़ाबला चाहता है तो चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी भारतीय फौज को साल 1962 से कहीं ज़्यादा नुक़सान पहुंचाएगी.”

    चीन के सरकारी अख़बार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के इस संपादकीय को दिल्ली से छपने वाले अंग्रेज़ी अख़बार ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने छापा है.

    ‘ग्लोबल टाइम्स’ की ये चेतावनी भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर हुए हालिया घटनाक्रम के बीच आई है.

    ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के मुताबिक़ ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने पिछले हफ़्ते ही एक सर्वे के हवाले से ये दावा किया था कि 90 फीसदी चीनी लोग भारत के ख़िलाफ़ बदले की कार्रवाई चाहते हैं.

    ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने अपने संपादकीय लेख में लिखा है, “चीन भारत से कई गुना ताक़तवर है और भारत चीन के मुक़ाबले में कहीं भी नहीं टिकता है. हमें भारत के इस भ्रम को तोड़ना होगा कि वो अमरीका जैसी ताक़तों के साथ गठजोड़ करके चीन का मुक़ाबला कर सकता है.”

    गुजरात में और सख़्त होगा गुंडा एक्ट

    गुजरात सरकार ‘गुजरात गुंडा एवं असामाजिक गतिविथि (रोकथाम) क़ानून’ को और सख़्त बनाने के लिए अध्यादेश पास करने वाली है.

    अंग्रेज़ी अख़बार इकोनॉमिक्स टाइम्स की ख़बर के अनुसार ये अध्यादेश अगली कैबिनेट बैठक में पास हो सकता है. नए बदलावों के तहत मामलों की जल्दी सुनवाई, अपराध के लिए सख़्त जुर्माना और गवाहों की सुरक्षा संबंधी प्रावधान लाए जाएंगे.

    इस क़ानून के तहत शराब के अवैध कारोबार, जुए, गोहत्या, मानव तस्करी, नकली दवाओं की बिक्री, ड्रग्स की बिक्री, अपहरण और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त आदि मामलों में कार्रवाई होती है.

    इसके तहत असामाजिक गतिविधियों में शामिल या इसकी तैयार कर रहे और राज्य की सुरक्षा और शांति में बाधा डालने वालों को 7 से 10 साल जेल की सजा और 50 हज़ार रुपये जुर्माना हो सकता है.

    ऐसे मामलों में शामिल लोगों को प्रोत्साहित करने वाले सरकारी कर्मचारी को 3 से 10 साल जेल की सजा हो सकती है. हालांकि, मामला दर्ज करने से पहले रेंज आईजी या पुलिस कमिश्नर की अनुमति लेनी होगी.

    जीएसटी में 12 प्रतिशत की गिरावट

    सरकार को इस साल अगस्त में मिले वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में 12 प्रतिशत की कमी आई है. अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने अपने पहले पन्ने पर इस ख़बर को जगह दी है.

    वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार सरकार को अगस्त में 86,449 करोड़ रुपये जीएसटी प्राप्त हुआ है जो अगस्त 2019 में मिले जीएसटी से 12 प्रतिशत कम है. इससे पहले जुलाई में सरकार को 87,422 करोड़ रुपये जीएसटी प्राप्त हुआ था.

    राज्यवार आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जीएसटी संग्रह में थोड़ी बहुत बढ़ोतरी देखी गई है. हरियाणा और गुजरात में थोड़ी गिरावट आई है. वहीं, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों से मिले जीएसटी में सबसे ज़्यादा कमी आई है.

    पिछले साल के आयात से मिले राजस्व में भी 23 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है. वहीं, घरेलू लेन-देन से प्राप्त राजस्व भी 8 प्रतिशत घटा है.

    वित्त मंत्रालय के मुताबिक पांच करोड़ के टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों के पास रिटर्न फाइल करने के लिए सितंबर तक का समय है.

    अम्रपाली ग्रुप की परियाजनओं में निवेश की इजाजत

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को घर खरीदारों को राहत देते हुए आम्रपाली ग्रुप के रुके हुए छह प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए फंडिंग की रुकावट को ख़त्म कर दिया है.

    अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक कोर्ट ने एसबीआईकैप (SBICAP) वेंचर्स लिमिटेड को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इन रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 625 करोड़ रुपये निवेश करने के निर्देश दिए हैं.

    ये पैसा रियल एस्टेट सेक्टर में अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में मदद के लिए नवंबर 2019 में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए स्ट्रेस फंड (SWAMIH इनवेस्टमेंट) से दिया जाएगा. इस फंड का प्रबंधन एसबीआईकैप करती है.

    जिन छह आम्रपाली परियोजनाओं को इससे फायदा मिलेगा उनमें सिलिकॉन सिटी-1, सिलिकॉन सिटी-2, क्रिस्टल होम्स, सेंचुरियन पार्क लो राइज, सेंचुरियन पार्क ओ2 वैली और सेंचुरियन पार्क ट्रॉपिकल गार्डन शामिल हैं.

    फिलहाल इन परियोजनाओं का प्रबंधन नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) द्वारा प्रोजेक्ट मैंनेजेंट कंसल्टेंट के तौर पर किया जाता है. पिछले साल जुलाई में आम्रपाली ग्रुप का रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद ये परियोजनाएं एनबीसीसी को दी गई थीं.

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