रांची, 09सितम्बर (हि.स.)। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एचसी मिश्रा और राजेश कुमार  की खंडपीठ ने बुधवार को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के लिए काम करने का आरोपी हार्डकोर नक्सली पवन कुमार यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। पवन पर यूएपीए एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है एनआईए ने पवन के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
 बुरेदी की जमानत पर भी हुई सुनवाई
झारखंड के बड़े नक्सलियों में गिने जाने वाले सुधाकर उर्फ सुधाकरण के भाई बुरेदी नारायण की जमानत पर भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने 23 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की हैं।बुरेदी नारायण को रांची के चुटिया थाना पुलिस ने 30 अगस्त 2017 को आधा किलो सोना और 25 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। बुरेदी नारायण और पवन कुमार यादव न्यायिक हिरासत में है और एनआईए इस मामले की जांच कर रही है।

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