केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के महत्त्वाकांक्षी ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम’ की मंगलवार को शुरूआत करते हुए कहा कि दिल्ली का हर बच्चा सच्चे अर्थों में देशभक्त होगा। बच्चों में देशभक्ति का जज्बा पैदा करने के लिए पाठ्यक्रम के जरिए हर साल स्वतंत्रता सेनानी से लेकर सामाजिक आंदोलनों से जुड़े लोगों के बारे में पढ़ाया जाएगा।
क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती पर छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल लोग केवल तिरंगा फहराने या राष्ट्रगान गाते वक्त ही देशभक्ति महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले 74 सालों में हमें अपने स्कूलों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित पढ़ाया गया लेकिन बच्चों को ‘देशभक्ति’ नहीं पढ़ाई गई। देशभक्ति हम सभी के अंदर है लेकिन इसे प्रेरित करने की जरूरत है। दिल्ली का हर बच्चा सच्चे अर्थों में देशभक्त होगा। ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम ‘ देश के विकास में सहायक सिद्ध होगा और भारत को तेजी से आगे ले जाएगा।’
‘भारत माता की जय’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमें ऐसा माहौल विकसित करने की जरूरत है, जिसमें हम सभी और हमारे बच्चे हर कदम पर देशभक्ति महसूस करें।’ केजरीवाल ने कहा कि सभी तरह के पेशेवर सामने आ रहे हैं ‘देशभक्त पेशेवर’ विकसित नहीं हो रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘ इसका मतलब यह नहीं है कि हम व्यवसायों को बढ़ावा नहीं देंगे। हम सभी प्रकार की शिक्षा का समर्थन करना जारी रखेंगे लेकिन हम उनमें देशभक्ति के मूल्यों को जोड़ेंगे। हम ‘देशभक्त’ डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, अभिनेता, गायक, कलाकार, पत्रकार आदि विकसित करेंगे।’
नर्सरी से कक्षा 12 तक ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम’ की शुरूआत की जाएगी। पाठ्यक्रम में कोई पाठ्यपुस्तक नहीं होगी। सहायक छोटी पुस्तिका होंगी जो तीन समूहों के लिए डिजाइन की गई हैं- नर्सरी से पांचवी कक्षा तक, छठी से आठवीं कक्षा तक और नौवीं से 12वीं कक्षा तक।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘हम भगत सिंह, हेमू कलानी, झांसी की रानी और तात्या टोपे की लड़ाइयों के बारे में बात करते हैं, लेकिन हम कभी इस बात पर चर्चा नहीं करते कि ऐसा क्या हुआ कि उन्हें लड़ाई लड़नी पड़ी।’ उन्होंने कहा कि देशभक्ति पाठ्यक्रम इस कमी को पाटेगा।
महत्वपूर्ण बातें –
– सरकार ने छठी से 12वीं तक के लिए देशभक्ति पाठ्यक्रम तैयार किया है।
– छठी से आठवीं कक्षा का अलग पाठ्यक्रम होगा, नौवीं से 12वीं का अलग पाठ्यक्रम बनाया गया है।
– कक्षा 9 से 12 के पाठ्यक्रम को छह घटकों में बांटा गया है।
– इसमें पहला देशभक्ति ध्यान है, जिसमें रोजाना बच्चों को एक्टिविटी करनी होगी।
– दूसरा देशभक्ति डायरी होगी इसमें बच्चा देशभक्ति पाठ्यक्रम से सबंधित कराए गए कामों से अपने अनुभवों को उसमें लिखेगा।
– तीसरा उसे होमवर्क
– चौथा समूह चर्चा और आखिरी कक्षा एक्टिविटी होगी, जिसमें बच्चा किसी भी माध्यम से अपने विचार को सबके सामने रखेगा।
– इसी तरह कक्षा छह से 8वीं के बच्चों के भी छह घटक होंगे। इसमें समूह और क्लास एक्टिविटी के बजाए समापन एक्टिविटी और फ्लैग डे रखा गया है।
– इसमें बच्चा खुद से तिरंगा बनाएगा इसके साथ ही चर्चा के दौरान किसी विषय पर अपनी बात रखेंगे।