नैनीताल। उत्तराखंड में भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के पास गुरुवार देर रात को पहाड़ी से भारी मलबा आने के बाद क्वारब पुल क्षतिग्रस्त हो गया। अस्सी वर्ष पुराने इस क्वारब पुल के साथ ही पास के निर्माणाधीन पुल को भी नुकसान पहुंचा है। इस कारण राज्य के तीन जिलों- अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर का नैनीताल से संपर्क प्रभावित हुआ है। बड़े वाहनों का इस मार्ग से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि शुक्रवार सुबह इस पुल को छोटे और हल्के वाहनों के लिए खोला गया है।
अधिकारियों ने बताया कि नैनीताल मुख्यालय से करीब 60 और अल्मोड़ा से 33 किमी दूर स्थित सुयाल नदी पर निर्मित क्वारब पुल पहाड़ी से भारी मलबा आने से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कारण पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। शुक्रवार को करीब पौने 11 बजे पुल को छोटे वाहनों के लिए खोला गया। मलबा हटाने के लिए लोनिवि की पोकलैंड मशीन भी पुल के रास्ते ही पार गई, लेकिन बड़े वाहनों का आवागमन अभी भी बंद है।
लोक निर्माण विभाग के अपर सहायक अधियंता विनोद कुमार आर्य ने बताया कि मलबा गिरने से दोनों पुलों को नुकसान पहुंचा है। नये पुल को तो आगे देखा जाएगा, अलबत्ता अभी वर्तमान में आवागमन का माध्यम बने पुराने पुल को भारी मलबा गिरने से नुकसान पहुंचा है। पुल को पहुंचे नुकसान के दृष्टिगत इस पर बड़े वाहनों के गुजरने की संभावना का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार को इस पर कोई निर्णय हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माणाधीन पुल के लिए अल्मोड़ा जिले की ओर पहाड़ को काटा गया था। इसी कारण यह भूस्खलन हुआ और क्वारब पुल क्षतिग्रस्त हो गया।