किरकुक। शरीर पर विस्फोटक बांधकर आए बंदूकधारियों ने कुर्द नियंत्रण वाले शहर किरकुक में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया और उत्तरी इराक में ईरान द्वारा संचालित एक निर्माण इकाई पर हमला बोलकर 16 लोगों की हत्या कर दी। ये हमले ऐसे समय पर किए गए हैं, जब सैनिक जिहादियों के गढ़ मोसुल को मुक्त कराने के संघर्ष में लगे हुए हैं। इन हमलों के लिए किसी ने भी तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन ऐसे सभी हमले इस्लामिक स्टेट समूह करता रहा है। यह समूह व्यापक सैन्य हमले के दौरान इराक में अपने अंतिम गढ़ मोसुल को बचाने की कोशिश कर रहा है।

डिबिस के मेयर अब्दुल्ला नूरेद्दीन अल-सालेही ने बताया, ‘‘तीन आत्मघाती बम हमलावरों ने बिजली संयंत्र पर सुबह लगभग छह बजे हमला किया और 12 इराकी अधिकारियों एवं इंजीनियरों और चार इराकी तकनीकविदों की हत्या कर दी।’’ पुलिस के एक लेफ्टिनेंट कर्नल ने हताहतों की संख्या की पुष्टि की है। मेयर ने कहा कि हमले के बाद हमलावरों की सुरक्षाबलों के साथ झड़पें भी हुईं। सुरक्षाकर्मियों ने एक बम हमलावर द्वारा खुद को उड़ाए जाने से पूर्व ही उसे मार गिराया। अन्य दो हमलावरों ने खुद को घिरा देखकर पहले ही अपने आप को उड़ा लिया था। सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने कहा कि कुछ घंटे पहले आत्मघाती बम हमलावरों के एक कमांडो ने किरकुक के विभिन्न स्थानों पर हमला किया था। हमलावर राइफलों से लैस था।

किरकुक बगदाद से 240 किलोमीटर उत्तर में सजातीय आधार पर बंटा हुआ शहर है। खुफिया मामलों के एक कुर्द अधिकारी ने कहा कि चार आत्मघाती बम हमलावरों ने शहर के मुख्य पुलिस मुख्यालय पर तड़के करीब तीन बजे हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों ने उनमें से एक को मार गिराया। अन्य तीन ने खुद को उड़ा लिया।’’ अधिकारी के अनुसार, आईएस ने शहर के दक्षिणी इलाके में कई अन्य स्थानों को भी निशाना बनाया, जिसके बाद सुरक्षा बलों के साथ उनकी मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ इसके पांच घंटे बाद तक जारी थी। किरकुक के एक अधिकारी ने एएफपी को बताया कि शहर के पूर्ण कर्फ्यू लगाया गया है।

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