दो साध्वियों से रेप के मामले में 20 वर्ष की सजा के खिलाफ डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम ने सोमवार को सीबीआई कोर्ट की ओर से सुनाई गई सजा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। गुरमीत राम रहीम ने अपनी सजा को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया और सीबीआई को नोटिस जारी किया है।

20 वर्ष की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग
इसके अलावा दोनों साध्वियों ने हाई कोर्ट में यह अपील भी की थी कि डेरा प्रमुख की 20 वर्ष की सजा को आजीवन कारावास में तब्दील किया जाए। इसे भी हाई कोर्ट ने इस पर भी सीबीआई को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान डेरा प्रमुख के वकील की तरफ से जुर्माने की राशि पर रोक की अंतरिम राहत देने की भी मांग की। कोर्ट ने इस मांग को अस्वीकार करते हुए जुर्माने और मुआवजे की राशि सीबीआई कोर्ट में जमा करवाने कहा है। सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रमुख को 30 लाख का जुर्माना लगाया था।

जुर्माने के 30 लाख देने के लिए पैसे नहीं
गुरमीत राम रहीम ने कोर्ट को बताया है कि वह जुर्माने की इतनी रकम अदा नहीं कर सकते हैं। इससे पहले भी गुरमीत ने अपील दायर की थी, लेकिन उस पर कोर्ट की रजिस्ट्री ने तकनीकी आपत्ति लगाते हुए उसे खारिज कर दिया था। गुरमीत राम रहीम ने सीनियर एडवोकेट एसके गर्ग नरवाना के जरिये दायर अपील में कहा था कि सीबीआई अदालत ने बिना उचित साक्ष्यों और गवाहों के उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी है। डेरा प्रमुख को 25 अगस्त को रेप का दोषी करार दिया था इसके बाद सीबीआई कोर्ट की ओर से 28 अगस्त को राम रहीम को 20 वर्ष की सजा सुनाई थी।

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