दंतोवाड़ा से हरिनारायण सिंह
छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, चुनाव प्रचार अभियान जोर पकड़ रहा है। प्रचार की गहमा-गहमी के बीच सोमवार को नक्सलियों की मांद में भाजपा की सक्रियता ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश भर दिया है। सोमवार को छत्तीसगढ़ के चुनाव की कमान संभाल रहे सौदान सिंह के निर्देश पर झारखंड के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री सह बिहार के महामंत्री राजेंद्र सिंह ने दंतेवाड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक की। इसमें सात मंडलों के 54 शक्ति केंद्रों के पदाधिकारी और चुनाव संचालान में जुटे अधिकारी शामिल हुए। बैठक में जिम्मेदारियों का बंटवारा हुआ और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की तैनाती की गयी। यह तय किया गया कि हरेक बूथ के लिए तैनात कार्यकर्ता दूसरे के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
बैठक में भाजपा पदाधिकारियों का हौसला बुलंद था। वे दंतेवाड़ा में रविवार को पार्टी नेता पर हुए नक्सली हमले से जरा भी भयभीत नहीं थे। दरअसल नक्सलियों ने रविवार रात दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पालनार में भाजपा के तेज-तर्रार युवा नेता और जिला पंचायत सदस्य नंदलाल मुडामी पर जानलेवा हमला किया। यह स्थान रायपुर से करीब चार सौ किलोमीटर दूर है। नक्सलियों के हथियारबंद दस्ते ने उनके घर पर धावा बोला और कुल्हाड़ी से गले पर वार किया।
हमले में गंभीर रूप से घायल नंदलाल को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीएम रमन सिंह और चुनाव की कमान संभाल रहे सौदान सिंह को जैसे ही हमले की जानकारी राजेंद्र सिंह ने दी और यह आग्रह भी किया कि तत्काल दंतेवाड़ा में हेलीकॉफ्टर भेजा जाये। इनके आग्रह पर हेलीकप्टर आया और नंदलाल को इलाज के लिए रायपुर ले गया, जहां उनकी हालत स्थिर है।
एक सामान्य कार्यकर्ता के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं की चिंता और सक्रियता ने भाजपा के आम कार्यकर्ताओं का हौसला दोगुना कर दिया है। उनका कहना है कि यदि सीएम और सौदान सिंह जैसे लोग आम कार्यकर्तार्ओं का इतना ध्यान रखते हैं, तो फिर चिंता नहीं है। वे अब नक्सलियों की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। आम लोग भी कहने लगे हैं कि नक्सली विकास से चिढ़ते हैं। इसलिए उन्होंने दो दिन पहले बीजापुर में और अब दंतेवाड़ा में हमला कर चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की है। उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी।
सोमवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की चुनावी सभा निर्धारित थी, लेकिन कल कग नक्सलियों की घटना के कारण स्थगित हो गयी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सोमवार चार चुनावी सभाओं को संबोधित किया। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास का यहां बेसब्री से इंतजार हो रहा है। वह एक नवंबर के बाद यहां चुनाव प्रचार के लिए आनेवाले हैं। उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है। नक्सल प्रभावित इलाकों में भाजपा की सक्रियता का जवाब विपक्षियों को सूझ नहीं रहा है। पहले से ही मुद्दों की कमी से जूझ रहे भाजपा विरोधी खेमे के नेता निजी तौर पर स्वीकार करते हैं कि मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही माहौल सत्ताधारी दल के अनुकूल होता जा रहा है।