दुमका। विधानसभा के उपचुनाव में नेताओं का मेला लगा है। सत्ता और विपक्ष के उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं और दोनों अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। फैसला तो 10 नवंबर को आयेगा, लेकिन उसके पहले सभी दांव पेंच अपनाये जा रहे हैं। जनता कह रही है कि इवीएम सब कुछ बतायेगी। यहां झामुमो से दिशोम गुरु के छोटे पुत्र बसंत सोरेन उम्मीदवार हैं। वहीं भाजपा ने अपने पुराने प्रत्याशी और पूर्व में मंत्री रहे लुइस मरांडी पर ही दांव खेला है। झामुमो की ओर से चुनाव प्रचार की बागडोर सीएम हेमंत सोरेन संभाले हुए हैं और विधानसभा में ताबड़तोड़ सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। केंद्र पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। पूर्व की राज्य सरकारों पर भी जमकर बरस रहे हैं। लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर झामुमो का प्रत्याशी चुनाव जीत जायेगा, तो इलाके का विकास होना तय है। दूसरे दलों ने तो सिर्फ आदिवासियों का वोट लिया और उन्हें ठगा है। सीएम कोई मौका नहीं होता, जब प्रहार करने से चूक रहे हैं। महागठबंधन के कई नेता अभी दुमका में हैं, जो बसंत सोरेन के पक्ष में वोट मांग रहे हैं। कहीं जनसंपर्क तो कहीं चुनावी सभा। विपक्ष की भूमिका में भाजपा है और प्रत्याशी हैं लुइस मरांडी। इनके लिए वोट मांगने रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी सहित कई दिग्गज नेता आ चुके हैं और कैंप कर रहे हैं। तीन नवंबर को यहां मतदाता वोट करेंगे। वोट मांगने दोनों प्रत्याशी गांव-गांव में घूम रहे हैं।
मतदाताओं की खामोशी से बढ़ी बेचैनी
दुमका चारों तरफ झंडा पताका से पटा पड़ा है, लेकिन मतदाता हैं कि कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। मानों जैसे सब कुछ तीन नवंबर को ही कहेंगे। संथाल झामुमो का गढ़ माना जाता है। इसके पहले हुए विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन यहां भारी मतों से चुनाव जीते थे। इस बार उनके भाई बसंत सोरेन मैदान में हैं और नहीं चाहते कि किसी भी स्थिति में यह सीट विपक्ष की झोली में जाये। लिहाजा सत्ता दल जम कर पसीना बहा रहा है। इधर, लुइस मरांडी के पक्ष में भी कई नेता चुनावी मैदान में प्रचार का मोर्चा संभाल रहे हैं। चाहते हैं कि किसी तरह जेएमएम से इस सीट को झटक लिया जाये। दुमका की सीट हॉट हो चुकी है। आरोप लग रहे हैं कि इस उपचुनाव पर केंद्र की नजर है। गुरुवार को एक चुनावी सभा में बसंत सोरेन ने बाबूलाल मरांडी पर कई आरोप लगा डाले। चुनौती दी कि अगर उनमें दम है, तो वह राजधनवार विधानसभा से इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ें। विपक्ष भी सोरेन परिवार पर कई गंभीर आरोप लगा रहा है। दुमका के मतदाता इस उपचुनाव को त्योहार जैसा मजा ले रहे हैं। गुरुवार को शिबू सोरेन ने दुमका में जनता दरबार लगाया और लोगों की समस्याओं को सुना। शिबू सोरेन की पकड़ इस इलाके में गजब की है। इसी पर मुख्य मुकाबला झामुमो और बीजेपी के बीच है, दोनों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
दुमका में दोनों पक्ष बहा रहे पसीना, जनता खामोश
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