सीबीआइ की चार्जशीट को बताया उपन्यास

आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। जज उत्तम आनंद मौत मामले की सुनवाई हाइकोर्ट में हुई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने सीबीआइ द्वारा चार्जशीट को उपन्यास बताते हुए केस में धारा 302 पर सवाल खड़ा किया। कोर्ट ने कहा कि इस केस में पहले हम जहां थे वही आज भी है और उसी के बीच सीबीआइ ने चार्जशीट भी दाखिल कर दिया गया। इतने बड़े केस का ऐसा हाल होगा तो पूरे देश में क्या संदेश जायेगा। हमे लग रहा था कि सीबीआइ आंधी-तूफान की तरह काम कर रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 नवंबर को होगी।
चार्जशीट पर जतायी थी नाराजगी
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआइ के द्वारा दायर चार्जशीट पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगायी थी। हाइकोर्ट ने कहा था कि अदालत को अंधेरे में रखते हुए स्टेरियोटाइप चार्जशीट दाखिल की गयी है। चार्जशीट में अंकित हत्या की धारा 302 का कोई प्रमाण नहीं, चार्जशीट दाखिल करने का मोटिव को अदालत ने गलत करार दिया था। सीबीआइ की कार्रवाई पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बाबुओं की तरह सीबीआइ काम कर रही है।
सीबीआइ ने कोर्ट को बताया था कि दो आरोपियों से पूछताछ की जा रही
इससे पहले सीबीआइ ने जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की थी। जिसे लेकर हाइकोर्ट ने कहा था कि इस रिपोर्ट में कुछ भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। वहीं हाइकोर्ट ने सीबीआइ और एसआइटी को स्पेसिफिक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। हाइकोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआइ के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि दो आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई संबंधित लोगों का संबंध पता चल रहा है, लेकिन इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

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