- पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटील ने कहा: देश के विकास की चाबी आपके हाथ में
राकेश सिंह
रांची। केंद्रीय पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटील झारखंड के पंचायत प्रतिनिधियों को देख कर गदगद थे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी डाल दी और उन्हें उनकी शक्ति का एहसास भी करा दिया। कहा देश के विकास की चाबी आपके हाथ में है। ग्रामीणों ने बहुत विश्वास और आस के साथ यह चाबी आपके हाथों में दी है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि झारखंड में आनेवाले समय में पंचायत प्रतिनिधि राज्य में भाजपा की सरकार बनाने में अहम रोल निभायेंगे। मंगलवार को रांची के हरमू मैदान में आयोजित पंचायत जन प्रतिनिधियों के अभिनंदन समारोह में उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में राज्य में भाजपा की सरकार होगी। गांव की सरकार झारखंड में भाजपा की सरकार जरूर लायेगी। राज्य में पंचायती राज व्यवस्था में 53 फीसदी से अधिक सीटों पर भाजपा के कार्यकर्ता, नेता जीत हासिल कर आये हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी और संकल्पित तरीके से गांवों में लागू कर और गांवों को संवारने में अहम रोल अदा कर वे उदाहरण बन सकते हैं। इसका लाभ झारखंड में आनेवाले समय में न सिर्फ गांवों को मिलेगा, बल्कि भाजपा को भी इसका फायदा होगा। कपिल मोरेश्वर पाटील ने अपने भाषण की शुरूआत भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को धन्यवाद देकर की। उन्होंने कहा, इनके नाम में दीपक भी है और प्रकाश भी है। धन्यवाद इसलिए देता हूं कि मुझे लगता है गुजरात में डेढ़ लाख पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद किया था। वह एक संवाद था, लेकिन नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का राज्य स्तर पर सम्मान शायद यह पहली बार झारखंड ने किया। इसलिए उनको मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। कपिल मोरेश्वर पाटील कहते हैं कि इतिहास ऐसे ही नहीं लिखा जाता। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि मैं मक्खन पर लकीर नहीं खींचता, मैं पत्थर पर लकीर खींचता हूं। लेकिन मेरा मानना है कि मक्खन पर लकीर हर कोई खींचता है, लेकिन जो पत्थर पर लकीर खींचता है, उसको दुनिया नरेंद्र दामोदर दास मोदी के नाम से जानती है। नरेंद्र मोदी सिर्फ एक नाम नहीं हंै, वह एक विराट सामर्थ्य हैं। सामर्थ्य हैं सपनों का, सामर्थ्य हैं संकल्प का, सामर्थ्य हैं देश के 130 करोड़ जनता के विश्वास का। सपना वही, जो देश की जनता ने देखा था 2014 में मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने का। हम लोगों ने बनाया भी। संकल्प वही, जो प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने लिया था कि देश के शहरों के साथ-साथ गांव भी वर्ल्ड क्लास बनें। आत्मविश्वास वही, जो नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों द्वारा देश की 130 करोड़ जनता की आंखों में चमक दिखायी पड़ रही है। ऐसा काम कभी इसके पहले हुआ नहीं। कपिल मोरेश्वर पाटील कहते हैं-मैं हमेशा कहता हूं, एक रईस आदमी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, यह पंडित जवाहर लाल नेहरू ने सिद्ध किया। एक गरीब घर में जन्मा हुआ किसान देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, यह लाल बहादुर शास्त्री ने सिद्ध किया। एक महिला प्रधानमंत्री बन सकती है, यह इंदिरा गांधी ने सिद्ध किया। एक युवा प्रधानमंत्री बन सकता है, यह राजीव गांधी ने सिद्ध किया। एक राजा प्रधानमंत्री बन सकता है, यह विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सिद्ध किया। इस देश में कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है, यह एचडी देवेगौड़ा ने सिद्ध किया। एक बुजुर्ग प्रधानमंत्री बन सकता है, यह मोरारजी देसाई ने सिद्ध किया। एक बुद्धिजीवी देश का प्रधानमंत्री बन सकता है यह नरसिंह राव ने सिद्ध किया। इस देश में प्रधानमंत्री की जरूरत नहीं है, यह मनमोहन सिंह ने सिद्ध किया। और बिना प्रधानमंत्री बने इस देश के ऊपर राज किया जा सकता है, यह सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सिद्ध किया। लेकिन आठ साल के अंदर विश्व में भारत का नाम, भारत का सीना चौड़ा किया एक चाय वाला ने प्रधानमंत्री बन कर, यह नरेंद्र मोदी ने सिद्ध किया है। हम सौभाग्यशाली हैं कि हम उनके कार्यकर्ता हैं।
मोरेश्वर पाटील ने कहा: मैं आप ही में से हूं, जो यहां तक पहुंचा हूं। मैं सबसे पहले गांव का मुखिया बना। उसके बाद मैं तालुका पंचायत का मुखिया बना। उसके बाद जिला पंचायत का उपाध्यक्ष बना। उसके बाद एनिमल हसबैंड्री और फार्मिंग का चेयरमैन बना। फिर जिला पंचायत का अध्यक्ष बना, उसके बाद नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से 2014 में पहली बार पार्लियामेंट में आया। 2019 में फिर एक बार आया। और आज अगर मैं मंत्री बन कर खड़ा हूं, तो वह नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से है। कपिल मोरेश्वर पाटील उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों से कहते हैं कि सफर का मजा लेना हो, तो साथ में सामान कम रखिये। अगर जिंदगी का मजा लेना है तो दिल में अरमान कम रखिये। यह तजुर्बा है मेरा।
गांव के प्रतिनिधियों को सम्मान देते हुए उन्होंने कहा कि मिट्टी की पकड़ बहुत मजबूत होती है। संगमरमर पर तो हमेशा पांव फिसलता है, जिंदगी को इतना सीरियस लेने की जरूरत नहीं है यारों, यहां से जिंदा बच कर भला कौन गया है। जिसके पास सिर्फ सिक्के थे, मजे से बारिश में भीगते रहे, लेकिन जिसकी जेब में नोट थे, वह छत तलाशते रह गये। तो नोट के लिए काम नहीं करने का। वोट के लिए काम करने का। वोट तभी मिलेगा, जब आप समर्पण भाव से काम करोगे। और समर्पण क्या होता है, वह नरेंद्र मोदी ने हमें सिखाया है। पैसा तो इंसान को ऊपर ले जा सकता है, लेकिन इंसान पैसे को ऊपर कतई नहीं ले जा सकता। इत्र से कपड़े में खुशबू, कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन कर्म ऐसा करो कि आपके काम की खुशबू पूरी दुनिया में फैले। कपिल मोरेश्वर पाटील ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि दीपक प्रकाश, बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास के नेतृत्व में हमारे झारखंड के क्षेत्र से चुन कर आये सभी साथी ऐसा काम करेंगे कि एक दिन ऐसा आयेगा, जब पंचायतों का काम देखने के लिए लोगों को झारखंड आना होगा। झारखंड एक आदर्श बनेगा।
कपिल मोरेश्वर पाटील ने मुखिया को बहुत ही सरल शब्दों में, परंतु बहुत ही गहराई से परिभाषित किया। उन्होंने कहा, जितनी बड़ी जमीन होती है, उतना बड़ा घर नहीं होता। जितना बड़ा घर होता है, उतना बड़ा दरवाजा नहीं होता। जितना बड़ा दरवाजा होता है, उतना बड़ा ताला नहीं होता और जितना बड़ा ताला होता है, उतनी बड़ी चाबी नहीं होती। लेकिन फिर भी जब हम घर से बाहर निकलते हैं, तो उस छोटी सी चाबी पर भरोसा कर घर को लॉक कर के जाते हैं। क्योंकि चाबी पर हमें भरोसा होता है। उसी तरह मुखिया देश की चाबी हंै। कार्यक्रम में मंच पर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, भाजपा के राष्टÑीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ, संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह सहित सांसद, विधायक और नेता उपस्थित थे।
हरमू मैदान में जुटे जन प्रतिनिधियों को देख कर लगा, सचमुच में गांव जाग रहा है। सचमुच में गांव के लोगों की ताकत बढ़ रही है। सचमुच में गांव के लोगों में देश को विकास की राह पर ले जाने की व्याकुलता है। सचमुच में गांव के लोग अपना राज्य और देश गढ़ना चाहते हैं। तभी तो मौसम के प्रतिकूल होने के बावजूद 300 किलोमीटर दूर से भी गांव के लोग अपने साधन से ग्यारह बजे तक हरमू मैदान में पहुंच गये थे। उनमें गजब का जोश था, जज्बा था। उस जोश और जज्बा को बारिश भी नहीं रोक सकी। तीन घंटे तक वे हरमू मैदान में डटे रहे। अगर प्रदेश भाजपा की तरफ से उन्हें सम्मानित किया गया, तो सचमुच में वे उसके हकदार थे। सच कहा जाये, तो बहुत दिनों बाद हरमू मैदान में इतना अनुशासित कार्यक्रम देखने को मिला।
झारखंड की पंचायतों को दो लाख 21 हजार करोड़ रुपये दिये गये
रांची। पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरश्वर पाटील ने कहा कि 2014 से पहले पंचायतों को केंद्र सरकार की ओर से 50 हजार करोड़ ही भेजे जाते थे। 2014 में वित्त आयोग के आने के बाद से चौदहवें वित्त से तीन गुना राशि बढ़ा कर 2 लाख 292 करोड़ की मदद गांवों को भेजी गयी। 15वें वित्त में 2 लाख 25 हजार करोड़ का बजट हो गया। यह फंड सीधे पंचायतों को भेजा जाता है। ऐसे में हेर फेर की गुंजाइश अब नहीं रहती। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग देने के लिए पैसे भेजे जाते हैं। इससे 6 माह के अंदर प्रतिनिधियों को ट्रेनिंग देना अनिवार्य है, पर राज्य सरकार अगर आपको इसका लाभ नहीं देती है, तो उसके पीछे पड़ कर इसका हिसाब लें। उन्हों ने कहा कि 2020-21 और 2021-22 में झारखंड की पंचायतों को 2 लाख 21 हजार करोड़ भेजे गये हैं। ये पैसे भाजपा की पंचायतों, कार्यकर्ताओं को नहीं, राज्य की सभी 4000 से अधिक पंचायतों को दिये गये हैं। राज्य सरकार यह नहीं कह सकती कि उसके साथ भेदभाव हुआ है। आयुष्मान भारत योजना, पीएम आवास योजना, स्वामित्व योजना सहित तमाम योजनाएं ऐसी हैं, जिन पर प्रभावी तरीके से जाति, धर्म से परे होकर काम करें तो पंचायत के
साथ-साथ भाजपा के लिए भी सम्मान बढ़ेगा।
इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों, पंचायतों के नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेंद्र नाथ, संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, रांची नगर निगम की महापौर आशा लकड़ा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एसटी मोर्चा) और सांसद समीर उरांव, सांसद वीडी राम, विद्युत वरण महतो, सुनील सोरेन, विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, अमर कुमार बाउरी, नवीन जायसवाल, समरीलाल, सीपी सिंह, राज सिन्हा, भानु प्रताप शाही, अमित चौरसिया, अमित मंडल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय, विभिन्न मोर्चा और मंच के पदाधिकारी, पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधि समेत अन्य भी उपस्थित थे।