आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि हमारी सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं को विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रही है। आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार अभियान के तहत मंगलवार को कोडरमा स्थित बाघीटांड़ स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम आपकी योजनाओं को लेकर आपके घर आये हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप योजनाएं उन तक पहुंचे। पिछले वर्ष जब सरकार ने आपके द्वार कार्यक्रम चलाया गया था, उस समय पूरे राज्य में 6 हजार शिविर लगे थे। इन शिविरों के माध्यम से लगभग 40 लाख आवेदन आये थे। राज्य सरकार ने लगभग 99 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी पदाधिकारी आज आपके घर-द्वार पहुंच कर आपकी समस्याओं का निदान कर रहे हैं। शत प्रतिशत आवेदनों का निपटारा होगा, यह पदाधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
सीएम ने कहा कि पहले सरकारी पदाधिकारी तथा कर्मी सुदूर जंगल, नदी, पहाड़, पर्वत किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते थे, आज वही सरकारी पदाधिकारी तथा कर्मी मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर पर बैठ कर या पैदल चल कर आपके गांव-घर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले की सरकार में जन कल्याणकारी योजनाएं एयर कंडीशन कमरों में बैठ कर संचालित होती थीं, परंतु हमारी सरकार ने आज सभी योजनाओं को आपके द्वार तक लाने का काम कर दिखाया है। यह कार्यक्रम महज एक महीने का अभियान नहीं, बल्कि आगे भी निरंतर चलनेवाला अभियान रहेगा। लगभग 286 करोड़ की लागत से 513 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के समक्ष नयी-नयी चुनौतियां आती रहती हैं। इन चुनौतियों से घबरा कर हमारी सरकार कभी पीछे नही हटती है। वर्तमान समय में राज्य में किसान वर्ग के बीच सुखाड़ की समस्या उत्पन्न हुई है। सुखाड़ की समस्या से निपटने के लिए हमारी सरकार ने कार्य योजना तैयार की है। शिविरों में प्रत्येक गांव में पांच-पांच योजनाओं का शिलान्यास करने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया जा चुका है। अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो, इस निमित्त हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
विपक्ष नहीं चाहता गरीबों को उनका हक मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि गरीबों को उनका हक मिले, इसीलिए विपक्ष कहता है कि शिविर में पैसे की बर्बादी हो रही है। हमने नियुक्ति नियमावली बना कर नियुक्ति करने का काम किया। जो काम 20 साल से नहीं हो रहा था। उन्होंने कहा कि पूरे देश में झारखंड गिने- चुने राज्यों में से एक है, जहां कोरोना के बाद भी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या कभी आपने सोचा था कि दलित आदिवासी, पिछड़ों के बच्चे विदेशों में पढ़ाई कर सकेंगे। हमारी सरकार ने इन बच्चों के सपनों को पंख देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद से ही राज्य में नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी आयी है। जेपीएससी का रिजल्ट ससमय निकाला गया।
50 हजार नियुक्ति जल्द होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में विभिन्न विभागों में 50 हजार नियुक्ति की स्वीकृति मिल चुकी है। कई नियुक्तियों को लेकर नियमावली बनायी जा रही है। नियमावली बनने के पश्चात राज्य के नौजवानों को विभिन्न पदों पर नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में राज्य को बेहतर दिशा देने की ओर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम, विधायक उमाशंकर अकेला और विधायक अमित यादव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार अभियान पर विस्तृत प्रकाश डाला और अपनी-अपनी बातें रखीं। मौके पर सांकेतिक रूप से विभिन्न योजनाओं से आच्छादित लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया।