– 27 बिंदुओं पर हुए सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाए

पटना। उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में जातीय सर्वे करने का निर्णय उस सरकार का था, जिसमें भाजपा शामिल थी। उन्होंने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि जातीय सर्वे की रिपोर्ट जारी होने पर लालू प्रसाद श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि 15 साल राज करने के दौरान उन्होंने जातीय जनगणना नहीं करायी थी।

सुशील मोदी ने कहा कि जातीय, आर्थिक, सामाजिक सहित कुल 27 बिंदुओं पर सर्वे कराया गया था। इन सभी विंदुओं पर ग्राम स्तर के आंकड़ों के साथ सरकार को विस्तृत रिपोर्ट जारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में आरक्षण देने के लिए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष अतिपिछड़ा वर्ग आयोग बनाया था। उसकी रिपोर्ट अब तक क्यों दबाए रखी गई है?

उन्होंने कहा कि अभी जातीय सर्वे के केवल राज्यस्तरीय आंकड़े सामने आए हैं और ये अनुमान के अनुरूप हैं। हम सर्वे रिपोर्ट का गंभीरतापूर्वक अध्ययन कर अपनी नीतियां तय करेंगे।

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