नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद देश की लगभग 86 फीसदी करेंसी कागज के टुकड़ों समान हो गई। मीडिया सूत्रों के मुताबिक 500 और 1000 रुपये के नोट पर बैन के बाद ये कागज के महज टुकड़े होकर रह गए हैं। बताया जा रहा है कि कुल नोटों के मूल्य के 86 फीसदी के बराबर नोट बेकार हो जाएंगे।

अब बड़ा सवाल ये है कि सरकार इन पुराने नोटों का आखिर क्या करेगी ?

बताया जा रहा है कि आरबीआई 500-1000 रुपये के जो नोट मिलेंगे उन नोटों का पहले करेंसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग सिस्टम (CVPS) करेगा जिससे पता चलेगा कि वापस आए नोट असली हैं या नकली। इसके बाद असली नोटों का इस्तेमाल नई करेंसी का कागज तैयार करने में किया जाएगा।  बताया जा रहा है कि ये नोट बर्बाद नहीं होंगें और इनका किसी-न-किसी रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक सरकार इन नोटों का इस्तेमाल फाइलें, कैलेंडर्स आदि बनाने के लिए इस्तेमाल करेगी। जानकारी के मुताबिक जो नोट तय मानक के हिसाब से सही-सलामत अवस्था में हैं, उन्हें नई करंसी में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन नोटों को पहले पतले-पतले टुकड़ों में काटा जाएगा और फिर उनका उपयोग किया जाएगा। इन नोटों को इस तरह काटा जाएगा कि टुकड़ों को फिर से जोड़कर नोट न बनाए जा सकें। फिर इन टुकड़ों को एक ह्यूमिडिफायर में डाला जाएगा, जो इन्हें ब्रिकेट्स यानी ईंट जैसे टुकड़ों में बदल देंगे। इन टुकड़ों को कॉन्ट्रैक्टर्स को दिया जाएगा, जो मुख्य तौर पर इनका उपयोग गड्ढे भरने में करते हैं। आरबीआई की श्रेडिंग और ब्रिकेटिंग मशीन्स नकली यानी अनफिट नोटों को नष्ट करने का काम करती हैं। इसका मतलब ये नहीं कि नकली नोट बेकार हो जाएंगे.जो नोट असली यानी फिट हैं उन्हें नए नोटों को बनाने के लिए काम में लिया जाएगा।

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