न्यूयार्क: विभाजनकारी और कटु चुनावी अभियान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ‘विभाजन के जख्मों को भरने’ का इरादा जताते हुए आज संकल्प लिया कि वह सभी अमेरिकावासियों के राष्ट्रपति बनेंगे और उन्होंने देशभर के रिपब्लिकनों, डेमोक्रेटों और निर्दलियों से एक एकताबद्ध अवाम के रूप में साथ आने की अपील की।
अपने विजय भाषण में नीतिगत मुद्दों के उल्लेख से बचते हुए 70 वर्षीय नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने अपनी डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हिलेरी ने मजबूती से लड़ाई लड़ी। ट्रंप और हिलेरी के बीच लंबे और बेहूदे चुनावी अभियान के दौरान बेहद कटु नोकझोंक हुई है।
ट्रंप ने अभियान मुख्यालय में अपने समर्थकों से कहा, ‘हिलेरी ने लंबे समय तक बहुत मेहनत की और बहुत काम किया। देश की उन्होंने जो सेवा की है उसके लिए हम उनके आभारी हैं।’ उनके साथ उनकी पत्नी मेलानिया और बच्चे तथा उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस भी थे। ट्रंप ने कहा कि वह पूरी गंभीरता से ये बातें कह रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘अब समय आ गया है कि अमेरिका दरारों को पाटे, एक साथ आएं, मैं देश के सभी रिपब्लिकन, डेमोक्रेट और निर्दलीय लोगों से अपील करता हूं कि हम एकजुट हो जाएं।’ ट्रंप ने कहा, ‘अब समय आ गया है। मैं इस देश के हर नागरिक से वादा करता हूं कि मैं सभी अमेरिकावासियों का राष्ट्रपति बनूंगा और यह बात मेरे लिए महत्व रखती है।’
ट्रंप ने कहा, ‘वे लोग जिन्होंने मेरा समर्थन नहीं करने का फैसला लिया, हालांकि ऐसे लोगों की संख्या कम ही है, मैं आपका मार्गदर्शन और आपकी मदद चाहता हूं ताकि हम मिलकर काम कर सकें और अपने महान राष्ट्र को एक कर सकें।’ उन्होंने कहा, ‘मैं शुरू से यह बात कह रहा हूं कि यह हमारा अभियान नहीं था बल्कि यह लाखों मेहनतकश महिलाओं और पुरूषों का अतुल्य और महान अभियान था जो अपने देश को प्रेम करते हैं और अपने तथा अपने परिवार के लिए बेहतर और उज्जवल भविष्य चाहते हैं।’ ट्रंप ने कहा कि पेनसिल्वेनिया में हार के कुछ ही देर बाद हिलेरी ने उन्हें फोन कर अपनी हार स्वीकार कर ली थी।
ट्रंप ने कहा, ‘उन्होंने हमें बधाई दी, यह जीत हमारी है और मैंने उन्हें तथा उनके परिवार को मजबूती से लड़े गए अभियान के लिए बधाई दी।’ ट्रंप ने कहा कि ‘सभी अन्य राष्ट्रों समेत’ वे ‘सभी के साथ निष्पक्ष तरीके से पेश आएंगे’ उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ मिलजुल कर रहने के इच्छुक अन्य सभी देशों के साथ हम भी अच्छे संबंध बनाकर रखेंगे।’ ट्रंप ने कहा कि इस विजय अभियान में सभी जाति-वर्गों, धर्मों, विविध पृष्ठभूमि और मान्यताओं लोग शामिल थे जो चाहते थे और उम्मीद करते थे कि हमारी सरकार लोगों की सेवा करे और हम ऐसा करेंगे।
ट्रंप ने कहा था, ‘हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद को परास्त करेंगे । हम इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे । यह आईएसआईएस की मौजूदगी के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है ।’ उन्होंने कहा, ‘भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका का स्वाभाविक सहयोगी है । ट्रंप प्रशासन के तहत हम और भी बेहतर मित्र बनने जा रहे हैं । असल में, मैं कहना चाहूंगा कि हम सर्वश्रेष्ठ मित्र बनने जा रहे हैं । मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम करने को आशान्वित हूं जो अर्थव्यवस्था और नौकरशाही में सुधार करने में बहुत ही उर्जावान रहे हैं । वह महान व्यक्ति हैं । मैं उनकी सराहना करता हूं।’ ट्रंप ने कहा था, ‘मैं यहां अमेरिका में भी नौकरशाही में कुछ गंभीर सुधार करना चाहता हूं, मुझ पर विश्वास कीजिए, हमें इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है ।’
उन्होंने भारतीय समुदाय से कहा था, ‘आपके महान प्रधानमंत्री भारत के लिए वृद्धि समर्थक नेता रहे हैं । उन्होंने कर कानूनों को सरल बनाया है और अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि हो रही है ।’ आठ नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव की पूर्व संध्या पर ट्रंप के एक महत्वपूर्ण सैन्य सलाहकार ने कहा कि ‘शक्ति के जरिए शांति’ की ट्रंप प्रशासन की एशिया प्रशांत नीति में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी ।
ट्रंप की कई महत्वाकांक्षी रक्षा नीतियों के लेखक एवं उनके सैन्य सलाहकार एलेक्जेंडर ग्रे ने कहा, ‘यह एक ऐसा देश है जो हमारे साथ मूल्य साझा करता है, यह एक ऐसा देश है जो भू-राजनीतिक हित साझा करता है, उनका काम बुश की परंपरा को जारी रखने जा रहा है जिन्होंने इस संबंध में काफी काम किया था ।’ ग्रे ने कहा, ‘ऐसे समय जब चीन, पाकिस्तान और इस्लामी आतंकवाद की वजह से भारत की नीति बदल रही है, हमें उसका खुली बांहों से स्वागत करना चाहिए ।’



