इस्लामाबाद:  पाकिस्तान में अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है, क्योंकि वर्तमान सेनाध्यक्ष राहील शरीफ 29 नवम्बर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अब चार शीर्ष जनरलों में उनका उत्तराधिकारी चुनने के लिए गेंद प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पाले में है। राजनीतिक खेमों में हो रही चर्चा के अनुसार, मुल्तान कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल इशफाक नदीम अहमद अगले सेनाध्यक्ष हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, जनरल शरीफ के उत्तराधिकारी के बारे में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पहले ही मन बना चुके हैं, लेकिन उन्होंने फैसले को सार्वजनिक नहीं किया है। रपटों के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल जुबैर महमूद की नियुक्ति स्टाफ कमेटी के संयुक्त प्रमुखों के अध्यक्ष पद पर होने की संभावना है।

सेना के शीर्ष पद की दौड़ में शामिल अन्य लोगों में बहावलपुर कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल रमादी और महानिरीक्षक, प्रशिक्षण और मूल्यांकन लेफ्टिनेंट जनरल कमर बाजवा भी शामिल हैं। सभी चारों जनरल पाकिस्तान सैन्य अकादमी के 62वें बैच के हैं, लेकिन उनके करियर की विधाएं अलग-अलग हैं।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि जारी आतंकवाद विरोधी अभियान को पूरा करना नए सेनाध्यक्ष की जिम्मेदारी होगी।

इस संदर्भ में नवाज शरीफ की पसंद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि नए सेनाध्यक्ष को सेना की आतंकवाद रोधी जिम्मेदारी से सीमा सुरक्षा की उसकी पारंपरिक भूमिका में बदलाव की निगरानी करनी होगी।

रावलपिंडी स्थित सैन्य मुख्यालय से बिना किसी अनुशंसा के रक्षा मंत्रालय के जरिए प्रधानमंत्री को शीर्ष जनरलों की सूची भेजे जाने के साथ नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होती है। इसके बाद निर्णय की घोषणा से पूर्व प्रधानमंत्री निवर्तमान सेनाध्यक्ष के साथ अनौपचारिक मशविरा करेंगे।

इस बीच, जनरल शरीफ ने सोमवार को लाहौर छावनी से अपनी विदाई बैठकें शुरू कर दीं, जहां उन्होंने अधिकारियों और सेना व रेंजर्स के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह अधिक उम्मीदों, दिशा और सभी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होने के साथ ही देश को अधिक सुरक्षित एवं स्थिर छोड़कर जा रहे हैं।

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