रांची: झारखंड स्थापना की 16वीं वर्षगांठ का जश्न और उमंग का ऐसा परवान चढ़ा कि सबके सब जोश से लबरेज हो गये। मोरहाबादी मैदान में उमंग की छटा दर्शनीय रही। वीरता को सम्मान, युवाओं का सपना, बेरोजगारों को रोजगार के सपने का ताना-बानाा बुना जा रहा था। नृत्य पर थिरकते लोक कलाकारों के कदम सतरंगी छटा बिखेर रहे थे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री रघुवर दास, राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, जयंत सिन्हा समेत राज्य के मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव की आंखों में जनता के प्रति पारदर्शिता का संकल्प दिखा। साथ ही जवाबदेही का संकल्प, परिश्रम का संकल्प और बेहतर प्रशासन देने के वायदे भी किये। स्वावलंबी बनाने के लिए परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
छात्र-छात्राओं और युवाओं को भी कुछ मिला। मुख्यमंत्री के भाषण में नौजवानों की आकांक्षा झलकी। झारखंड के स्वर्णिम विकास, बेहतर प्रशासन देने का वायदा भी किया। सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर कृतसंकल्प भी दिखा। आओ मिलकर बेहतर झारखंड बनाने के संकल्प का भी संकेत सरकार ने दिया। पहला मौका है जब सरकार झारखंड की उम्र के हिसाब से इच्छाओं का ख्याल रखा। सीएम रघुवर दास के भाषण का लबोलुआब भी यही रहा कि मन में है विश्वास, हम होंगे कामयाब। अब तक विभिन्न करणों से झारखंड की अपेक्षा हुई है। उपेक्षाकृत विकास नहीं हो पाया है।
अब अगले तीन चार सालों में वह सब कुछ होगा, जो विगत 16 सालों में नहीं हुआ। मुख्य समारोह के मंच से राज्य के मुखिया ने पूरे जोश के साथ झारखंड के सपने को साकार करने की बात कही। नतीजा हुआ कि भाषण के दौरान तालियां बजती रहीं। जैसे-जैसे सूरज परवान चढ़ा, माहौल में ऊर्जा बढ़ती रही। गुलाबी ठंड में लोग बैठकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। स्टेडियम में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी कहां पीछे रहतीं। नृत्य पर थिरकते उनके कदम से कुर्सी पर बैठे आम हो खास सब मस्ती में सराबोर हो गये। पारंपरिक गीतों पर युवक-युवतियां झूमते रहे। पहले छऊ फिर पाइका और अंत में गोवानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति का मजा सभी ने लिया।
15 बड़े स्क्रीन पर लाइव टेलीकास्ट
स्टेडियम के अंदर और बाहर 15 बड़े स्क्रीन लगाये गये थे। इन सभी पर समारोह का लाइव टेलीकास्ट किया जा रहा था। स्टेडियम के बाहर के दर्शकों के लिए नौ बड़े स्क्रीन लगे थे, तो स्टेडियम के अंदर छह बड़े स्कीन लगे थे। इन पर लाइव प्रसारण किया जा रहा था।
प्रशासन और पुलिस के अधिकारी कर रहे थे मॉनिटरिंग
पुलिस और प्रशासन के समन्वय से आयोजन सफल हुआ। पुलिस ने चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखा था। ड्रोन कैमरे से मोरहाबादी मैदान की निगरानी की जा रही थी। डीजीपी डीके पांडेय और एसएसपी कुलदीप द्विवेदी खुद व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे थे। वहीं प्रशासनिक अधिकारी आयोजन से जुड़ी सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और कार्मिक सचिव निधि खरे लगातार पदाधिकारियों को कार्यक्रम से संबंधित और अतिथियों के स्वागत से संबंधित निर्देश दे रही थीं। कई आइएएस अधिकारी तैयारियों का जायजा ले रहे थे। डीसी मनोज कुमार और एसडीओ आदित्य आनंद समेत जिला प्रशासन के सारे पदाधिकारी समारोह को सफल बनाने में लगे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित खरे, कैबिनेट सचिव एसएस मीणा, राहुल शर्मा, विनय चौबे, हिमानी पांडेय, केके सोन, आराधना पटनायक, एनएन पांडेय, एनएन सिन्हा और सुखदेव सिंह कई आइएएस अधिकारी मौजूद थे।