जजों की नियुक्ति के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने एक बार फिर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में जजों की नियुक्ति पर ब्रेक लगा हुआ है। स्थिति यह आ गई है कि कोई भी रिटायर जज ट्रिब्यूनल को हेड नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि कई कोर्ट खाली हैं। ऐसे में अपने रिटायर साथियों को वहां भेजने में तकलीफ होती है। सरकार कोर्ट को किसी भी तरह की सुविधा देने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि हम सम्मान के साथ उनके (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) साथ असहमति व्यक्त करते हैं, इस साल 120 जजों की नियुक्ति की गई है
उन्होंने कहा कि 500 कोर्ट खाली पड़े हैं। वहीं, कई कोर्ट में मूलभूत सुविधाओं की भी भारी कमी है। कोर्ट रूम खाड़ी पड़े हैं। न्याय की अहमियत होती है। जिनके पास लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने का अधिकार है उन्हें इस जिम्मेदारी को समझना चाहिए।