नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरुण जेतली ने गुजरात में आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल पर एक-दूसरे तथा गुजरात के लोगों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि देश का कानून साफ है कि किसी भी स्थिति में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया सकता। जेतली ने आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इस संबंध में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि 50 प्रतिशत की सीमा अनिवार्य है और अगर कोई कहे कि वे कोई तरीका निकाल लेंगे तो वे एक दूसरे को और जनता को भी धोखा दे रहे हैं।

गुजरात चुनाव के बाद होगा संसद सत्र
वित्त मंत्री ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण देना कानूनन संभव नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 31 (सी) के अंतर्गत अगर वे आरक्षण को नौवीं अनुसूची में ले आएंगे तो उसकी भी न्यायिक समीक्षा हो सकती है। इस प्रकार से आरक्षण की सीमा बढ़ाना संभव नहीं है। इसके साथ ही जेतली ने आज स्पष्ट संकेत दिये कि यह सत्र गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद होगा और यह पूरी तरह से नियमित सत्र होगा। उन्होंने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र और विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं होंगे।

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से संसद के शीतकालीन सत्र के समय को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी कि यह गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद या उससे पहले होगा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहा है कि वह गुजरात विधानसभा चुनाव को देखते हुए संसद का सत्र टाल रही है और अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।

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