नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहमदनगर के कोपर्डी कांड में आज जज ने तीन दोषियों को लेकर 5 मिनट में फांसी की सजा सुना दी है। जिसके लिए वकील उज्ज्वल निकम ने लगातार तीन दिन तक कोर्ट में बहस की थी। जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुवर्णा केवले ने इस मामले में दोषियों को यह सजा सुनाई है।

इस मामले में अदालत ने 22 नवंबर को बाबूलाल शिंदे, संतोष गोरख भावल, और नितिन गोपीनाथ भाईलुमे को बलात्कार, हत्या और आपराधिक साजिश रचने को लेकर दोषी करार दिया था। इस केस में भावल के वकील बालासाहब खोपड़े ने यह दलील दी थी कि उसके मुवक्किल को फांसी की सजा नहीं दी जानी चाहिए। लेकिन वकील उज्ज्वल निकम ने इस मामले को ‘दुर्लभतम मामला’ बताते हुए फांसी की सजा देने की मांग की थी।

क्या था मामला ?

आपको बता दें कि मराठा समुदाय से संबंध रखने वाली पीड़िता का शव 13 जुलाई को अहमदनगर जिले के कोपर्डी गांव में मिला था। लड़की के साथ रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। बाद में जब यह घटना सबके सामने आई तो कई राजनीतिक दलों और मराठा समुहों ने इसकी जबरदस्त तरीके से निंदा की और राज्य में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान वह आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग करने लगे। इसके साथ ही आपको यह जानकारी दे दी कि यह यह मामला विशेष त्वरित अदालत में 20 दिसंबर, 2016 को शुरू हुआ था

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