गुमला। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि नगाड़ा और मांदर की गूंज हमारी संस्कृति हैं और यही झारखंड की पहचान हैं। इस संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए कार्तिक उरांव हमेशा प्रयासरत रहे। मुख्यमंत्री ने उक्त बातें शुक्रवार को गुमला के घाघरा प्रखंड स्थित बदरी गांव में कार्तिक उरांव स्मृति जतरा सह खेलकूद प्रतियोगिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं। उन्होंने कहा कि कार्तिक उरांव के सपनों के झारखंड का निर्माण करना है। जहां कोई अशिक्षित, वंचित और शोषित ना रहे।
आदिवासियों का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता : सीएम ने कहा कि कार्तिक उरांव चाहते तो कहीं नौकरी कर आराम से जीवन जी सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और आदिवासी कल्याण में खुद को झोंक दिया। पहली बार आदिवासी कल्याण के लिए आदिवासी मंत्रालय का गठन हुआ। राज्य के शहीदों के गांवों को आदर्श गांव बनाया जा रहा है। झारखंड में आदिवासी विकास परिषद के माध्यम से आदिवासी के हित में कार्य हो रहे हैं। जनजातियों को डाकिया योजना के तहत हर माह खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। आदिवासी युवाओं के लिए रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में सीट आरक्षित है। पहली बार आदिम जनजाति युवक युवतियों के लिए बटालियन का गठन हुआ।
युवा शिक्षित समाज की कल्पना को पूरा करें, खुद को हुनरमंद बनायें : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास के जरिये युवाओं को हुनरमंद बना रही है। इस पर 700 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। हुनरमंद बन युवा स्वरोजगार अपना सकते हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। हमें मिल कर सुनिश्चित करना होगा कि गुमला के हर घर का बच्चा स्कूल जायें।
किसानों को मिलेगा उनका हक, वृद्धों को 10 किलो अनाज : मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 नवंबर को गुमला के सूखा प्रभावित प्रखंडों में शिविर लगेगा। इनमें किसान फसल बीमा का लाभ ले सकते हैं। राज्य सरकार ने सुखाड़ हेतु 100 करोड़ का उपबंध किया है। साथ ही वृद्धों के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत 10 किलो अनाज देने की व्यवस्था की गयी है।