रामगढ़। जिला के रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़कीपोना में पिछले कुछ समय से खुलेआम गौ मांस की बिक्री हो रही थी। गौ मांस तस्कर खुलेआम गो वध कर रहे थे। एक क्षेत्रीय पार्टी के बड़े नेता के संरक्षण में बड़े पैमाने पर गो-मांस की बिक्री हो रही थी। जिला की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को इसकी सूचना मिली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए 4 नवंबर के पहले सुबह बड़े पैमाने पर छापामारी अभियान चलाया। छापामारी अभियान में जिला के कई थाना के पदाधिकारी और पुलिस जवान शामिल थे।

पुलिस ने एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी कर सात कटे हुए पशु बरामद किये। छापामारी में पुलिस दल को भारी सफलता मिली। पुलिस ने गो वधशाला से आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ये कार्रवाई की है। वहीं छापेमारी करने गयी पुलिस पर गो तस्करों के समूह ने पुलिस पर पथराव भी किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़की पोना रेलवे स्टेशन के पास इन तीनों जगहों से प्रतिबंधित मांस के कारोबियों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई को लेकर पुलिस देर रात लगभग 2 बजे से ही सक्रिय थी।

सूचनाओं के आधार पर पुलिस टुकड़ों में बंट कर अलग-अलग स्थानों पर तैनात थी। सुबह की गयी छापेमारी के बाद सभी स्थानों से लगभग सात प्रतिबंधित कटे हुए पशु बरामद हुए। इसके साथ वहां पशुओं को काटने में प्रयुक्त होने वाली सभी तरह के औजार भी बरामद किये गये हैं। वहीं इन जगहों से कटे प्रतिबंधित पशुओं और सामान की रिकवरी कर रहे पुलिस को गो हत्या में शामिल लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। तस्करों ने पुलिस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें कई किलोमीटर दूर तक खदेड़ा।

पुलिस ने पत्थरबाजों पर लाठियां बरसार्इं। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से प्रतीत होता है कि ये कारोबार बहुत पहले से चल रहा है। चोरी चुपके से यह लोग इस कारोबार को अंजाम दे रहे थे। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई से इन क्षेत्रों में तनाव का माहौल देखा जा रहा है। इसको लेकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तीनों जगहों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है। रामगढ़ के एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर घटनास्थल पर पहुंच कर पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

पुलिस और मीडिया के वाहनों को तोड़ा गया
गो वधशालाओं में छापामारी करने गयी पुलिस एवं न्यूज कवरेज करने गये मीडिया कर्मी गो-मांस के अवैध कारोबारियों के निशाने पर आ गये। एक क्षेत्रीय पार्टी के वरीय नेता के उकसाने पर लोगों ने पुलिस एवं मीडिया के वाहनों के शीशे तोड़ डाले। रामगढ़ के एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर, रजरप्पा थाना प्रभारी, रामगढ़ थाना प्रभारी के वाहन के शीशे तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विनीत शर्मा के कार के शीशे तोड़ डाले गये। गो-मांस तस्करों के समर्थक कई अन्य वाहनों के शीशे भी तोड़ डाले।

रामगढ़ पुलिस द्वारा बड़की पोना में बड़े पैमाने पर छापामारी की गयी। यहां आजसू के वरिष्ठ नेता रफीक अनवर के घर के कुछ बगल में गो हत्या हो रही थी। चर्चा रही कि रफीक अनवर को इस बात की पूरी जानकारी थी। क्योंकि रफीक अनवर के घर से 10 कदम की दूरी पर गो वधशाला है। मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी के काफी करीबी नेता रफीक अनवर का नाम इस घटना में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मीडिया में भी रफीक अनवर छाये रहे, जब पुलिस छापामारी कर रही थी। चितरपुर, रजरप्पा एवं रामगढ़ में दिनभर इस छापामारी की चर्चा होती रही। चौक चौराहों पर लोग आपस में चर्चा करते सुने गये कि गौ मांस तस्करों को आजसू नेता रफीक अनवर का अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण प्राप्त था। इस संबंध में रफीक अनवर का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। मुझे इससे कोई लेना देना नहीं है।

पत्थरबाजी में कई पुलिस अफसर हुए घायल
चितरपुर प्रखंड के बड़की पोना में पुलिस अवैध गो वधशालाओं में छापामारी कर रही थी। एक समाज के कुछ लोग बुर्के पहने महिलाओं को आगे कर पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगे। पुलिस कुछ समझ पाती तब तक कई पत्थर पुलिस अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को लग चुके थे। रामगढ़ के एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर, रजरप्पा थाना प्रभारी कमलेश पासवान, रामगढ़ थाना प्रभारी लिलेश्वर महतो सहित कई अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को पत्थर लगे। पुलिस पर अचानक हुए हमले के बाद पुलिसकर्मी संभलते हुए पत्थरबाजों को खदेड़ा। पुलिस ने पत्थरबाजी कर रहे लोगों पर लाठियां बरसार्इं। जिसके बाद लोग तितर-बितर हुए।

स्थानीय पुलिस प्रशासन को मैनेज किये बिना कैसे चल रहा था बूचड़खाना
जिला के रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़की पोना में 4 नवंबर के अहले सुबह छापामारी और बड़ी मात्रा में गौ मांस की बरामदगी स्थानीय पुलिस प्रशासन की पोल खोल रहा है। इससे यह साफ पता चलता है कि यह मामला प्रशासन, स्थानीय नेता, और प्रेस के संज्ञान में था, छापामारी के बाद गौ मांस की बरामदगी कई बातों की ओर इशारा कर रही है। सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि बिना पुलिस प्रशासन को मैनेज किये खुलेआम गो हत्या और गो-मांस की बिक्री कैसे हो रही थी।

चितरपुर एवं रजरप्पा क्षेत्र में लोग इस प्रश्न का उत्तर जानना चाह रहे थे। स्थानीय लोग आपस में चर्चा करते सुने गये कि स्थानीय पुलिस प्रशासन को मैनेज कर यह अवैध धंधा खुलेआम चल रहा था, लेकिन किसी प्रकार यह बात जिला की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के कानों तक पहुंची। क्योंकि रामगढ़ में मॉब लिंचिंग जैसी घटना घट चुकी है। इस बात की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल छापामारी करने की योजना बनायी। जिसमें जिला पुलिस को बड़ी सफलता मिली।

पुलिस ने मामले में आठ को किया गिरफ्तार, प्राथमिकी दर्ज
जिला के रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़कीपोना में गौ हत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। छापामारी करने गयी पुलिस दल ने गो हत्या स्थल से आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। इस संबंध में रजरप्पा थाना में दो प्राथमिकी दर्ज की गयी है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने छापामारी के दौरान शेल्टर हाउस से रमजान अंसारी, मो राजा, इसरार अहमद, अमरूल अंसारी, साबिर हसन, कलीमुल्लाह, मो सफीउल्लाह इस्लाम, मो शमीम को गिरफ्तार किया है। इन पर गौ हत्या सहित कई धाराओं पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इनके अलावे पुलिस पर हमला करने तथा सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में काफी लोगों पर मामला दर्ज किया है। जिसमें कई अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

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