देश के आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि इतिहास में पहली बार भारत आर्थिक मंदी की चपेट में आया है। यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गलत फैसलों का नतीजा है, जिसने देश की ताकत को कमजोरी में बदल दिया।

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआईकी ओर से जारी अनुमानों के मुताबिकवित्तवर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितम्बर) में आर्थिक विकास दर नकारात्मक रही है। जबकि जीडीपी दर दूसरी तिमाही में –8.6 प्रतिशत सिकुड़ गई है। आरबीआई के इन अनुमानों के आधार पर ही राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया है।

इससे पहले भी कांग्रेस नेता नोटबंदी, जीएसटी एवं लॉकडाउन के फैसले को गरीबों पर चोट करने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन का फैसला गलत समय पर लिया गया, जिसे उद्योग-धंधा प्रभावित हुआ तथा बड़े पैमाने पर प्रवासी मजदूरों को पलायन करने मजबूर होना पड़ा। नतीजतन अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई।

उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने मौद्रिक समीक्षा में आधिकारिक आंकड़े जारी करने के पहले अपने बुलेटिन के जरिये अनुमान पेश किया कि विकास दर में सुस्ती का यह दौर लंबा चल सकता है। वर्ष 2020-21 के दौरान सुस्त चल रही देश की आर्थिक विकास दर 2020-21 के वित्तीय वर्ष में तगड़ा नुकसान झेला है। ऐसे में लगातार दूसरी तिमाही में वृद्धि दर नकारात्मक रहने के आसार हैं। वहीं पूरे वित्तीय वर्ष 2020-21 में विकास दर –9.5 फीसदी नीचे रहने का भी अनुमान लगाया गया है।

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