लोहरदगा। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन माओवादी के सब जोनल कमांडर विष्णु दयाल नगेशिया और एरिया कमांडर आकाश नगेशिया ने बुधवार को जिले के उपायुक्त, पुलिस कप्तान एवं सीआरपीएफ कमांडेंट सहित अन्य वरीय पदाधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. समर्पण नीति के तहत दोनों को एक-एक लाख रुपये दिया गया. साथ ही पुनर्वास की भी व्यवस्था करने की बात कही गई.
माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण करने के पश्चात उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो व पुलिस कप्तान प्रियंका मीणा ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया. उपायुक्त ने कहा कि झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति नई दिशा के तहत तमाम सुविधाएं आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों को मुहैया कराई जाएगी. पुलिस के लगातार बढ़ते दबिश तथा संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर दोनों नक्सलियों ने झारखंड सरकार के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है.
पुलिस कप्तान प्रियंका मीणा ने कहा कि नक्सली विकास के बाधक हैं. बंदूक के बल पर विकास नहीं किया जा सकता है. जिले में अभी भी कई वांछित नक्सली बचे हुए हैं. हिंसावादी विचारधारा त्याग कर आत्मसमर्पण करें और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नई दिशा का लाभ उठाएं. साथ ही समाज के मुख्यधारा से जुड़े अन्यथा उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एसपी ने कहा कि पूर्व में भी जिले में लगभग दो दर्जन हार्डकोर नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं. आत्मसमर्पण किये जोनल कमांडर विष्णु दयाल नगेशिया पुत्र स्व. बिरसा नगेशिया तथा एरिया कमांडर आकाश नगेशिया उर्फ समेश्वर नगेशिया पुत्र स्व. भादे नगेशिया दोनों जिले के पेशरार थाना अंतर्गत इचवा टांड ओनेगढा निवासी है. इनके विरुद्ध पेशरार, कुरुमगढ़, गारू थाने में विभिन्न कांडों के लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं. सब जोनल कमांडर व विष्णु दयाल नागेशिया एरिया कमांडर आकाश नगेशिया वर्ष 20/13-14 में माओवादी रविंद्र गंझू के दस्ते में शामिल होकर कई उग्रवादी घटनाओं को अंजाम दिया था.
आत्मसमर्पण के मौके पर उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो पुलिस कप्तान प्रियंका मीणा सीआरपीएफ कमांडेंट प्रभात कुमार सिंदवार, डीडीसी अखौरी शशांक सिन्हा, एसडीओ अरविंद कुमार लाल सहित पुलिस, प्रसाशनिक व सीआरपीएफ के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.