-मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक
रांची। राज्य के स्कूलों से 18 वर्ष पूर्ण कर पास आउट करने वाले बच्चों को अब मतदाता पहचान पत्र देकर विदा किया जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इसकी तैयारी शुरू की जा चुकी है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने इसे जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। सोमवार को इसको लेकर राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए गए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस कार्य को गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिया है। तीन सत्र में हुई अलग-अलग जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मतदाता सूची पुनरीक्षण के अलावा लोकसभा चुनाव की तैयारी की समीक्षा की गई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव होने में अब महज छह महीने भी नहीं बचे हैं। ऐसे में आयोग का मुख्य फोकस मतदाता सूची पुनरीक्षण पर है, जिसमें युवा मतदाता को अधिक से अधिक जोड़ना हमारा लक्ष्य है। स्कूल से जैसे ही बच्चे पढ़कर निकलेंगे और वे 18 वर्ष पूरा कर लिए होंगे तो उन्हें तत्काल मतदाता पहचान पत्र दे दिया जाय, जिससे उन्हें भविष्य में कोई परेशानी नहीं होगी।
भारत निर्वाचन आयोग के ताजा निर्देश के बाद 2 विद्यालय और कॉलेजों को लक्ष्य बनाया गया है, जहां पढ़ाई करने के बाद विद्यार्थियों को 18 वर्ष पूर्ण होते ही मतदाता पहचान पत्र मिल जायेगा। आयोग के इस निर्णय को जमीन पर उतारने के लिए इससे पहले सभी डीईओ और डीएसई को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिए जा चुके हैं। बहरहाल 27 अक्टूबर को आयोग द्वारा जारी प्रारुप के बाद इस पर आपत्ति 9 दिसंबर तक मांगी गई है, जिसके बाद 26 दिसंबर तक सुधार करने के पश्चात अगले साल पांच जनवरी को नये वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा, जिसके आधार पर लोकसभा चुनाव कराया जायेगा।