नई दिल्ली: विजेंदर सिंह के सामने अभी तक बड़ी चुनौतियां पेश की गयी लेकिन वे केवल बातों तक सीमित रही और इस स्टार भारतीय मुक्केबाज ने आसानी से जीत दर्ज की और अब वह पूर्व विश्व चैंपियन फ्रांसिस चेका के खिलाफ अपना जांबाज प्रदर्शन जारी रखकर डब्ल्यूबीओ एशिया पैसेफिक सुपर मिडिलवेट खिताब का बचाव करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अब तक सर्किट में अजेय चल रहे विजेंदर ने जुलाई में आस्ट्रेलिया के यूरोपीय चैंपियन केरी होप को हराकर यह खिताब जीता था। शनिवार को होने वाले दस राउंड के मुकाबले में विजेंदर का सामना अब तक के सबसे अनुभवी प्रतिद्वंद्वी से होगा।
इस भारतीय ने अब तक अपने प्रतिद्वंद्वियों की बड़ी बड़ी बातों को दरकिनार करके उन्हें रिंग पर छठी का दूध याद दिलाया है। मुकाबले से पहले आज के आधिकारिक तौर पर वजन नापने की प्रक्रिया में विजेंदर और चेका आमने सामने थे। विजेंदर का वजन ठीक 76 किग्रा है। भारतीय मुक्केबाज जहां हमेशा की तरह शांतचित था वहीं चेका लगता है कि अति उत्साह में है। उन्होंने घोषणा भी की, ‘‘मैं अब रिंग में ही बात करूंगा।’’ विजेंदर ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, ‘‘मेरा काम मुक्के जड़ना है और मैं कल इसे करूंगा। यह खिताब कहीं नहीं जा रहा है।’’ तंजानिया के 34 वर्षीय चेका ने अब 43 मुकाबले लड़े हैं जिसमें से 32 में उन्होंने जीत दर्ज की। इनमें से 17 नाकआउट थे। यही नहीं चेका ने अपने 16 साल के करियर में 300 राउंड लड़े हैं जबकि विजेंदर ने अब तक केवल 27 राउंड ही खेले हैं।
कुलदीप ढांडा 61 किग्रा में इंडानेशिया के एगी रोजटन से भिड़ेंगे। रोजटन को 19 मुकाबलों का अनुभव है जिनमें से पांच में उन्हें जीत मिली है। तीन बार वह नाकआउट में जीते। इसके अलावा राजेश कुमार युगांडा के मुबारक सेगुया का सामना करेंगे जिन्हें 11 मुकाबले और 40 राउंड का अनुभव हासिल है। सेगुया ने चार नाकआउट सहित आठ जीत दर्ज की हैं। इसी तरह 95 किग्रा भार वर्ग में धर्मेन्दर ग्रेवाल युगांडा के अबासी क्योबे से भिड़ेंगे।