मुंबई: इंग्लैंड को चौथे टेस्ट में पारी और 36 रन से हराकर श्रृंखला में विजयी बढ़त हासिल करने के बाद कप्तान विराट कोहली ने मेहमान टीम के खिलाफ जीत को उनकी कप्तानी में अब तक की सर्वश्रेष्ठ जीत करार दिया है। कोहली ने जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘हमने जो पांच श्रृंखलाएं जीती हैं उसमें से विरोधी के स्तर को देखते हुए और हमने जो क्रिकेट खेला उसे देखते हुए यह सर्वश्रेष्ठ है। हमें इस पर गर्व है और कप्तान के रूप में निश्चित तौर पर यह मेरे लिए शीर्ष पर है।’’ कोहली ने मोर्चे से अगुआई करते हुए अब तक चार टेस्ट में 640 रन बनाए हैं। उन्होंने 235 रन की पारी खेली जिससे इंग्लैंड के पहली पारी में 400 रन के जवाब में भारत ने 631 रन बनाए थे। कोहली ने कहा कि यह जीत इसी विरोधी टीम के खिलाफ पिछली तीन श्रृंखलाओं में हार का सुखद बदला है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह आसान था। हमें कई बार दबाव में डाला गया। मुझे लगता है कि इन मुश्किल हालात में वापसी करने के लिए मुझे अपनी टीम को काफी श्रेय देना चाहिए। हमें कुछ भी परोसा हुआ नहीं मिला। हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।’’ कोहली ने कहा, ‘‘हमें पता है कि इंग्लैंड स्तरीय टेस्ट टीम है और वे वापसी करने की कोशिश करेंगे। श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ने के बाद इस मैच में भी उन्होंने पहली पारी में 400 रन बनाए। ये ऐसी टीम नहीं है जो हार मान लेगी। वे संघर्ष करेंगे और हमने इसका एक और उदाहरण देखा।“

भारतीय कप्तान ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली श्रृंखला में 3-0 की जीत के दौरान मिली पिचों की तुलना में इस श्रृंखला की पिचें बराबरी का मौका देने वाली थी। उन्होंने कहा, ‘‘सभी विकेट अच्छे क्रिकेट विकेट हैं और हमें तीन टेस्ट जीतने के लिए अच्छा क्रिकेट खेलना पड़ा और किसी भी मैच में विरोधी टीम ने आसानी से घुटने नहीं टेके।’’ कोहली ने कहा कि 2014 में इंग्लैंड में खराब फार्म के बाद उन्हें सचिन तेंदुलकर से सर्वश्रेष्ठ सलाह यह मिली थी कि उनके बारे में जो लिखा जा रहा है उसे वह नहीं पढ़ें और कप्तानी ने उन्हें इन चीजों को पढ़ने से दूर कर दिया।

कप्तान ने साथ ही जीत का श्रेय टीम प्रयास को दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का नतीजा थी। कोहली की 235 रन की पारी के अलावा मुरली विजय और जयंत यादव ने भी शतक जड़े लेकिन कोहली ने एडिलेड के अपने शतक को अपने 15 शतकों में सर्वश्रेष्ठ बताया जिसमें इस साल तीन दोहरे शतक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अब भी निजी तौर पर एडिलेड (2014-15)’’ में दूसरी पारी में अपने शतक से काफी जुड़ाव महसूस करता हूं क्योंकि यह बदलाव के दौर की शुरूआत थी। लेकिन यह संभवत: दूसरा सर्वश्रेष्ठ है। जयंत का उदाहरण देते हुए कोहली ने कहा कि इस तरह की प्रतिभा की पहचान की जानी चाहिए और इंतजार करके उसे खत्म होने देने की जगह उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देना चाहिए।

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