रांची। आय से अधिक संपत्ति मामले में सजायफ्ता पूर्व मंत्री हरिनारायण राय और उसकी पत्नी सुशीला देवी को सीबीआइ की टीम ने दुमका से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रांची लाया गया। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश की कोर्ट ने नवंबर माह में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। हाइकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद हरिनाराण राय को निचली अदालत में सरेंडर करना था, लेकिन उन्होंने सरेंडर नहीं किया। इसके बाद सीबीआइ ने यह कार्रवाई की। झारखंड हाइकोर्ट ने चार नवंबर को 1.46 करोड़ रुपये के आय से अधिक संपत्ति मामले में हरिनारायण राय, उनकी पत्नी सुशीला देवी, भाई संजय कुमार राय की क्रिमिनल अपील पर फैसला सुनाते हुए उनकी उनकी सजा को कंफर्म किया था। साथ ही हाइकोर्ट ने इन्हें निचली अदालत में सरेंडर करने का भी निर्देश दिया था। कोर्ट ने इन तीनों सजायफ्ता की अपील को खारिज करते हुए सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश द्वारा इनकी सजा को बरकरार रखा था। सीबीआइ की विशेष अदालत ने 14 नवंबर 2016 को आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री हरिनाराण राय, उनकी पत्नी सुशीला देवी और भाई संजय राय को पांच-पांच साल की सजा सुनायी थी। साथ ही इन तीनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।

सीबीआइ ने हरिनाराण पर वर्ष 2005 से वर्ष 2009 तक एक करोड़ 46 लाख 25 हजार रुपये आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। हालांकि 4.33 करोड़ रुपये मनी लांड्रिंग मामले में भी हरिनारायण राय, सुशीला देवी और संजय कुमार राय को इडी कोर्ट ने जनवरी 2017 में सात- सात की सजा सुनायी थी।

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