रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम से अगले आदेश तक किसी भी तरह के भवन प्लान यानी नक्शा पारित करने पर रोक लगा दी है। एक दैनिक अखबार में छपी खबर के आधार पर जिसमें व्यावसायिक तथा घरेलू मकानों के नक्शा पारित करने पर ली जानेवाली घूस की रकम पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) के उपाध्यक्ष और रांची नगर निगम के नगर आयुक्त को कड़ी फटकार लगायी। न्यायमूर्ति जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ ने मामले की गुरुवार को सुनवाई, मामले में अदालत के समक्ष सशरीर हाजिर रहे आरआरडीए के उपाध्यक्ष और रांची नगर निगम के नगर आयुक्त। अदालत ने आरआरडीए में 20 साल से नियुक्ति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जतायी। अदालत ने पूछा नगर निगम में कितने जूनियर इंजीनियर और टाउन प्लानर, मामले में कोर्ट के समक्ष ब्यौरा प्रस्तुत करने का आदेश, वही नियुक्ति के लिए जेपीएससी को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया है।