• बिहार विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
  • हंगामे के बीच तीन विधेयक पारित

पटना। शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बिहार विधानसभा में सारण में जहरीली शराब से मौतों को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच दोपहर 12:30 बजे और फिर दो बजे तक के लिए सदन का कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। दो बजे के बाद भी भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा किया और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दोपहर बाद विधानसभा का सत्र शुरू होने पर भाजपा विधायक फिर वेल में आ गए और सीएम के इस्तीफे की मांग करने लगे। मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्ष के नेता विजय सिन्हा के आचरण पर कार्यवाही की मांग की और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बेल में नहीं जाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तारांकित प्रश्न के जवाब देते रहे और हंगामा भी चलता रहा। इस बीच राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब कांड भाजपा ने करवाया है। हालांकि, राजद विधायक सुधाकर सिंह ने महा गठबंधन सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसे सत्ता संरक्षित नरसंहार कहा।

हंगामे बीच विधानसभा में तीन विधेयक बिहार विनियोग अधिकाई (1989-90) विधेयक 2022, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2022 और बिहार नगर पालिका (संशोधन) विधेयक 2022 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बिहार विनियोग एक्सेस एक्सपेंडिचर (अधिकाई व्यय) (1989-90) विधेयक, 2022 पारित विधयेक के तहत कुल 34 लाख 46 हजार 983 रुपये विनियोजित किया गया है ।

इसके पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराब से मौतों पर कहा कि शराब पीना तो गलत है ही। लोगों को भी सोचने की जरूरत है। वो क्यों इस तरह की शराब पीते हैं। जहरीली शराब पिएंगे तो मरेंगे ही ना। मैंने महिलाओं के कहने पर ही शराबबंदी की है। इसमें सभी पार्टियों का भी समर्थन था।

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