-सरकार के 4 साल: मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने रखी बात
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का ठीक तरह से गठन भी नहीं हुआ था और देश-दुनिया में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। वैश्विक महामारी के चलते देश में लंबे समय तक लॉकडाउन लगा रहा। झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। वैसी स्थिति में कोरोना जैसी आपदा राज्य के लिए अभिशाप जैसी थी। उन्होंने कहा कि इन विषम परिस्थितियों के बीच कोरोना संकट से लेकर अब तक हमारी सरकार ने बेहतर काम किया। हमने जो किया, जमीन पर किया। अबी विकास के लिए बहुत कुछ करना बाकी है। मेरा प्रयास है 2025 तक राज्य को अपने पैरों पर खड़ा कर दें। जिससे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत न पड़े। राज्य सरकार के चार वर्ष पूरा करने से से एक दिन पहले मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की चपेट में आकर हमारे मंत्रिमंडल के दो मंत्री भी शहीद हुए। जैसे ही वैश्विक महामारी का बादल छटा, हमारी सरकार ने वादों के अनुरूप राज्य को एक नयी दिशा देने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरे झारखंडियों की सरकार है। शुरूआती दिनों से ही हमारी सरकार ने राज्य के हर वर्ग, हर समाज को लेकर आगे बढ़ाने का कार्य किया है। ‘आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभियान रहा है। इस अभियान के तहत हम विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे हैं। 29 दिसंबर 2023 को इस अभियान के तीसरे चरण का अंतिम पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का सबसे पिछड़ा राज्य होने के वजह से यहां आर्थिक, शैक्षणिक स्तर पर सहित कई विषमताएं रही हैं। हमारी सरकार ‘आपकी-योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से इन विषमताओं पर काम करने का पुरजोर कोशिश हुई है। उन्होंने कहा कि जो काम किये हैं, उसकी पूरी लिस्ट जारी कर देंगे तो विपक्ष की बोलती बंद हो जायेगी।
चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार:
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य कर्मियों को संवेदनशील बनाने का प्रयास किया है। जिस उद्देश्य के साथ हम लोगों ने सरकार बनायी, उसे उद्देश्य को पूरा करने के लिए यह सरकार अबतक गांव के लोगों के साथ, राज्य की जनता के भावनाओं के साथ कम से कदम मिलाकर चलने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं, आगे हम लोगों को और कई चुनौतियों से सामना करना है, परंतु इन चुनौतियों से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
केंद्र से अपेक्षा के अनुरूप सहयोग नहीं:
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का सर्वांगीण विकास केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के आपसी समन्वय से होता है। परंतु मेरा मानना है कि केंद्र सरकार से जो सहयोग हमें मिलना चाहिए था, वह अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिला है। केंद्र सरकार से कम सहयोग मिलने के बावजूद सरकार ने कदम रोके नहीं बल्कि निरंतर आगे बढ़ते रहे।
हर वर्ग को लाभ देने का प्रयास:
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने झारखंड के किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं बेरोजगारों सहित सभी वर्ग को सरकार की विभिन्न भावी योजनाओं से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया है। आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड में 80 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है। मेरा मानना है कि राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब हम गांव को मजबूत करेंगे। जब गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम झारखंड के गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर राज्य के माथे पर जो पिछड़ेपन का टैग लगा है उसे हटाने में जरूर कामयाब होंगे।
पर्व की सरकार के कारण पिछड़ापन:
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 20-25 में झारखंड युवा राज्य की गिनती में शुमार हो जायेगा। पिछले 20 वर्षों में इस राज्य को पूर्व सरकारों से जितनी अपेक्षाएं थीं उसके मुताबिक बिल्कुल खरी नहीं उतर पायी। यही वजह है कि आज झारखंड पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है। पिछले 20 वर्षों में झारखंड में ऐसे कोई काम नहीं हुआ जिसके भरोसे आज हम हर चुनौती से लड़ने का सामना रखते हों। हमारी सरकार धीरे-धीरे ही सही झारखंड की जड़ को मजबूत करने पर लगी है। आने वाले कुछ वर्षों में हम इस राज्य को अपने बल पर खड़ा करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
सरकारी कर्मियों का रखा ध्यान:
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में महत्वपूर्ण राज्य सरकार के अंश के रूप में कार्य कर रहे कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों, शिक्षकों आंगनबाड़ी कर्मियों सहित कई वर्ग के अनुबंधकर्मियों की पुरानी मांगों को पूरा करने का काम किया है। सिर्फ राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में सरकार के कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन किया है। झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां पुरानी पेंशन योजना लागू हुई है। हमारी सरकार ने झारखंड में सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का काम कर दिखाया है। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड पूरे देश में पहला राज्य है। वर्तमान समय में हमारे राज्य में 60 वर्ष से ऊपर सभी बुजुर्ग महिला-पुरुष, विधवा, दिव्यांगो को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य कर दिखाया है। हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता में लेकर इसके दायरे को बढ़ाने पर बल दिया है।
आने वाली पीढ़ी को सश्कत बना रहे:
हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार आने वाली पीढ़ी को सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने झारखंड के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की है। वहीं सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना से बच्चियों को जोड़ा गया है। इस योजना के तहत सभी पात्र बच्चियों को आर्थिक सहयोग किया जा रहा है ताकि उनकी पढ़ाई बीच में रुके नहीं। जो छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा हेतु विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें भी मरंग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दिया जा रहा है। राज्य में किसानों की ऋण माफी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, सरकारी उपक्रमों में विभिन्न पदों पर नियुक्ति, प्रत्येक विभागों की नियुक्ति नियमावली बनाने, उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन, बेहतर उद्योग नीति के साथ-साथ कई विभिन्न क्षेत्रों में बहुत सारे कार्य किये गये हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दे रहे:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दे रही है। सड़क, पुल, फ्लाइओवर, बिजली, पानी सभी क्षेत्र में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां हाइड्रोजन इंजन का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए टाटा कमिन्स के साथ एमओयू हो चुका है। कई औद्योगिक संस्थानों द्वारा उद्योग स्थापित करने की कार्य योजना पाइपलाइन पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची शहर वासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए रांची शहर में फ्लाइओवर का जाल बिछाया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में सीएम हेमंत सोरेने ने कहा कि विकास निरंतर चलनेवाली चीज है, इससे चुनाव का कोई मतलब नहीं है। 100 प्रतिशत की गारंटी तो नहीं देता, लेकिन योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है।
आमंत्रण मिला तो जरूर जाउंगा:
एक सवाल पर मुख्ययमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि उन्हें अयोध्या में श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने को लेकर न्योता नहीं आया है। उन्होंने कहा कि अगर न्योता आयेगा तो जरूर जायेंगे। मैं तो मंदिर जाता हूं। मस्जिद जाता हूं। गुरुद्वारा भी जाता हूं। मैं सभी जगह जाता हूं।
जिंदा हैं, तो दिखना चाहिए….
रांची। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जिंदा है, तो दिखना भी चाहिए…’। क्या मैं भाग रहा हूं। विदेश तो नहीं चला गया। राजनीतिक लोगों पर आरोप लगते रहते हैं, तो संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप नहीं हैं क्या? हकीकत को कितने दिन दबाकर रख सकते हैं। इडी प्रकरण को पूरा देश देख रहा है। मुझे इसकी बहुत ज्यादा चिंता नहीं है। मुख्यमंत्री इडी के समन किये जाने से संंबंधित सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में कानून है कि नहीं? इडी भी कायदे कानून से चल रही है। सरकार भी कायदे कानून से चल रही है। कुछ परिस्थिति ऐसी होती है, जिसमें स्वाभाविक दवाब बना रहता है। कुछ में दवाब बनाया जाता है।
खून खराबे पर उतर जाना चाहिए…
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस लोकतंत्र में विपक्ष के साथ जिस तरीके का व्यवहार किया जा रहा है, इससे ऐसा लगता है राजनीति छोड़कर खूनखराबे पर उतर जाना चाहिए। नेताओं को राजनीतिक चोला छोड़कर जंग-ए-मैदान में उतर जाना चाहिए। हमलोगों ने नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक का शासन देखा है। लोग इस लोकतंत्र और संघीय ढांचे का लोग लोहा मानते थे कि कैसे इतनी विविधता के बावजूद लोग साथ रहते थे। हालांकि अब कुछ लोग हैं जो आये दिन ऐसा माहौल तैयार करते हैं कि लोग द्वेष भाव से ग्रसित हो जाते हैं। हेमंत सोरेन ने एक सवाल पर कहा कि एनडीए में जाने का कोई सवाल ही नहीं बनता है। मुझे लगता है कि लोकतंत्र में इस तरीके का प्रश्न होना ही नहीं चाहिए।
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