रांची। राज्य में कृषि विपणन विधेयक के विरोध में बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए खाद्यान्न व्यापार बंद है। इसके विरोध में फल सब्जी मंडियों, राइस फ्लोर मिलरों समेत अन्य खाद्यान्न सेवाओं का भी समर्थन मिला। अलग-अलग क्षेत्र के व्यापारियों की कुल संख्या लगभग एक लाख है, जिन्होंने विधेयक के विरोध में व्यापार बंद रखा।
विरोध में जगह-जगह व्यापारियों ने रैली और प्रदर्शन किया। अपर बाजार में खाद्यान्न व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार से विधेयक वापस लेने की मांग की गयी। इसके बाद व्यापारियों ने पंडरा बाजार समिति में भी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अपर बाजार, पंडरा बाजार समिति, हरमू फल सब्जी दुकानें, डेली मार्केट फल विक्रेताओं ने अपनी अपनी दुकानें बंद रखी। बंद को आलू प्याज विक्रेता संघ, हरमू बाजार समिति, डेली मार्केट, हरमू फल मंडी, चुटिया फल मंडी, राइस फ्लोर मिल एसोसिएशन का समर्थन है।
इस दौरान राजधानी रांची समेत अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के साथ ही दुकानें बंद रखी गयी। पलामू, बोकारो, लातेहार, साहेबगंज, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह समेत अन्य जिलों में प्रदर्शन सह धरना दिया गया।
उल्लेखनीय है कि खाद्यान्न व्यापार बंद होने के साथ ही आवक भी बंद कर दी गयी है, जिससे खाद्यान्नों की ढुलाई, अनलोडिंग समेत सभी सेवाएं बंद कर दी गयी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स व्यापारियों के आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। चैंबर की ओर से एक महीने पहले ही राज्य सरकार को खाद्यान्न सेवा बंद करने की चेतावनी दी गयी थी। इसके पहले चैंबर की ओर से नेताओं, अधिकारियों, राष्ट्रीय नेताओं समेत अन्य स्तर पर ज्ञापन सौंप विधेयक पर हस्तक्षेप की मांग की गयी लेकिन सरकार की ओर से विधेयक को वापस नहीं लेने पर व्यापारियों ने आंदोलन शुरू किया।