शिमला। समर सीजन में राजधानी शिमला में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। शहर में एक टायर के दुकान/गोदाम में भीषण आग लग जाने के कारण भारी नुकसान हो गया। अग्निकांड की घटना गुरुवार मध्य रात्रि उपनगर ढली में हुई। अग्निकांड के दौरान गोदाम के स्टोर में सो रहा नेपाली मूल का एक युवक जख्मी हुआ है। उसका आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। इस अग्निकांड में करीब चार हज़ार नए-पुराने टायरों के अलावा कुछ उपकरण भी जल गए। एक करोड़ की सम्पत्ति के खाक होने का अनुमान है। शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण बताया जा रहा है।
ढली में शिमला-रामपुर नेशनल हाइवे किनारे मशोबरा निवासी बाबू राम की टायर की बड़ी दुकान है। दुकान में बने तीन छोटे गोदामों में आधी रात को अचानक आग लग गई। इस आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस आग को काबू पाने के लिए शहर के सभी अग्निशमन केंद्रों से दमकल वाहन बुलाए गए। दमकलकर्मियों को तीन घंटे से ज्यादा का समय आग पर काबू पाने में लगा और इतनी देर में दुकान में रखा लाखों रुपये का माल जलकर नष्ट हो चुका था।
इस भीषण आग को बुझाने में मॉल रोड, छोटा शिमला और बालूगंज अग्निशमन केंद्रों से चार दमकल वाहन जुटे, तब जाकर कहीं तीन घंटे की मशक्कत के बाद इस आग पर काबू पाया जा सका। 20 से 30 फुट ऊंची उठ रही आग की लपटों ने तब तक दुकान में रखा सब कुछ खाक कर दिया। दमकल वाहन आज सुबह भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। स्टेशन फायर ऑफिसर मॉल रोड मनशा राम ने बताया कि गुरुवार रात 12 बजकर 05 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद मौके पर दमकल वाहन रवाना कर दिए गए थे। तीन घंटे में आग पर काबू पाया गया। अग्निकांड से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ढली के एसएचओ हरि चंद ने बताया कि आग के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इसके लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है।
उल्लेखनीय है कि शहर में तीन हफ्ते के भीतर अग्निकांड की ये चौथी घटना है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में आईजीएमसी अस्पताल के न्यू ओपीडी भवन में भीषण आग लगने से डॉक्टरों के पांच कमरे और कैंटीन जल गई थी। इसके बाद ऐतिहासिक रिज मैदान से सटे चहल-पहल वाले लक्कड़ बाजार में बेकरी की दुकान आग से खाक हो गई। कल शाम अति व्यस्त लोअर बाजार में रजाई व गद्दों की एक दुकान में आग लगने से हज़ारों का माल राख हो गया था।