Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Friday, July 17
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Breaking News»वसुधैव कुटुंबकम का प्रतीक बना अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन : प्रधानमंत्री
    Breaking News

    वसुधैव कुटुंबकम का प्रतीक बना अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन : प्रधानमंत्री

    azad sipahiBy azad sipahiSeptember 23, 2023No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    – प्रधानमंत्री ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन का किया उद्घाटन

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन 2023’ का उद्घाटन किया। इंग्लैंड के लॉर्ड चांसलर एलेक्स चाक और बार एसोसिएशन ऑफ इंग्लैंड के प्रतिनिधियों, राष्ट्रमंडल और अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों और देशभर से आए लोगों की उपस्थिति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरह से ये अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन भारत की वसुधैव कुटुंबकम की भावना का प्रतीक बन गया है।

    प्रधानमंत्री ने किसी भी देश के विकास में कानूनी बिरादरी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से न्यायपालिका और बार भारत की न्यायिक प्रणाली के संरक्षक रहे हैं। मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में कानूनी पेशेवरों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने महात्मा गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कानूनी पेशे के अनुभव ने स्वतंत्र भारत की नींव को मजबूत करने का काम किया है और आज की निष्पक्ष न्यायिक प्रणाली ने भारत में दुनिया का विश्वास बढ़ाने में भी मदद की है।

    प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब देश कई ऐतिहासिक निर्णयों का गवाह रहा है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन विधेयक को संसद की मंजूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को नई दिशा और ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही संसद ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पास किया है। नारी शक्ति वंदन कानून भारत में महिला नेतृत्व विकास को नई दिशा और ऊर्जा देगा।

    प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि नई दिल्ली में हाल ही में संपन्न जी-20 शिखर सम्मेलन में दुनिया को भारत के लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और कूटनीति की झलक मिली। इसी दिन एक महीने पहले भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक उतारने वाला दुनिया का पहला देश बना था। इन उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आज का भारत जो आत्मविश्वास से भरा हुआ है, 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत में कानूनी प्रणाली के लिए मजबूत, स्वतंत्र और निष्पक्ष नींव की आवश्यकता भी व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अंतरराष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन में प्रत्येक देश को अन्य देशों की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का अवसर मिलेगा।

    प्रधानमंत्री ने आज की दुनिया की गहरी कनेक्टिविटी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में कई ताकतें हैं जिन्हें सीमाओं और अधिकार क्षेत्र की परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि जब खतरे वैश्विक हैं तो उनसे निपटने के तरीके भी वैश्विक होने चाहिए। उन्होंने साइबर आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दुरुपयोग की संभावनाओं पर बात की और कहा कि ऐसे मुद्दों पर एक वैश्विक ढांचा तैयार करना सिर्फ सरकारी मामलों से परे है, बल्कि विभिन्न देशों के कानूनी ढांचे के बीच जुड़ाव की भी मांग करता है।

    वैकल्पिक विवाद समाधान पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वाणिज्यिक लेनदेन की बढ़ती जटिलता के साथ एडीआर ने पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल की है। भारत में विवाद समाधान की अनौपचारिक परंपरा को व्यवस्थित करने के लिए भारत सरकार ने मध्यस्थता अधिनियम बनाया है। इसी तरह लोक अदालतें भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं और लोक अदालतों ने पिछले 6 वर्षों में लगभग 7 लाख मामलों का निपटारा किया है। सरकार यथासंभव सरल भाषा, भारतीय भाषाओं में कानूनों का मसौदा तैयार करने का गंभीर प्रयास कर रही है। मोदी ने जोर देकर कहा कि सरकार सरल भाषा में नए कानूनों का मसौदा तैयार करने का प्रयास कर रही है और उन्होंने डेटा संरक्षण कानून का उदाहरण दिया।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleलखनऊ में मोहन भागवत की उपस्थिति में संघ पदाधिकारियों की बैठक शुरू
    Next Article प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे वाराणसी, योगी ने एयरपोर्ट पर की अगवानी
    azad sipahi

      Related Posts

      रिश्वत या भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो अगले ही पल जाएगा मंत्री पद : मुख्यमंत्री विजय

      July 16, 2026

      अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की मंगल आरती में शामिल हुए अमित शाह, परिवार सहित किए दर्शन

      July 16, 2026

      कैबिनेट : चिप उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी

      July 15, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • झारखंड देश का सबसे खनिज संपन्न राज्य, लेकिन खदानें बंद और जनता बेहाल: बाबूलाल मरांडी
      • आरएसएस कार्यालय बमबाजी मामले में एनआईए की दबिश, लोहरदगा में पांच ठिकानों पर छापेमारी
      • अशोक नगर चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता, बंगाल से बरामद हुई वारदात में इस्तेमाल जगुआर कार
      • झारखंड में अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी, 28 जुलाई तक योगदान नहीं देने पर खत्म होगी सेवा
      • श्रावणी मेला 2026: देवघर बाबा मंदिर में वीआईपी कल्चर पर रोक, रविवार और सोमवार को बंद रहेगा शीघ्रदर्शनम
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version