दुमका एसपी की रिपोर्ट पर जतायी नाराजगी
रांची। दुमका में महिला टूरिस्ट से सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोर्ट के संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई। मामले में दुमका एसपी की ओर से जवाब दाखिल किया गया। कोर्ट ने उनके जवाब पर असंतोष जताया। मामले में कोर्ट ने महाधिवक्ता राजीव रंजन से पूछा कि झारखंड में अगर कोई विदेशी मेहमान प्रवेश करता है, तो इसे लेकर कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर है या नहीं। राज्य में प्रतिवर्ष कितने विदेशी मेहमान आ रहे हैं। झारखंड में विदेशी मेहमान के प्रवेश करने के बाद उनकी सुरक्षा की क्या व्यवस्था है।
जिलों में विदेशी भाषाओं में हेल्पलाइन नंबर आदि की व्यवस्था जरूरी है। कोर्ट ने मौखिक कहा कि झारखंड विदेशी पर्यटकों के लिए एक हब बन चुका है। आपको पता होना चाहिए कि यहां प्रतिवर्ष कितने विदेशी पर्यटक आ रहे हैं। उन्हें सुरक्षा मुहैया कराया जाना भी जरूरी है। जरूरत होने पर उनके लिए मेडिकल सुविधा भी होनी चाहिए। कोर्ट ने महाधिवक्ता को महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए उठाये गये कदम के बारे में भी जानकारी देने को कहा है। इससे पूर्व दुमका एसपी की शपथ पत्र पर कोर्ट ने नाराजगी जतायी। मौखिक कहा कि विदेशी महिला के साथ गैंगरेप की घटना का सुपरवाइज किसी वरीय अधिकारी को करना चाहिए था।
सरकार की ओर से बताया गया कि पीड़िता की कुछ चीजों की जांच दुमका के अस्पताल में संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हर एक जिला में ऐसी व्यवस्था जरूरी है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से भी जिलों में जांच संभव है। कोर्ट को बताया गया कि एसआइटी ने सात आरोपियों की पहचान कर ली है। इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या आरोपियों का टीआइपी हुआ है। सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। कोर्ट ने विदेशी मेहमानों, झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाये गये कदम आदि बिंदुओं पर सरकार को इंस्ट्रक्शन लेकर बताने को कहा है। अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।
क्या है मामला
दुमका के हंसडीहा थाना क्षेत्र में बीते दिनों स्पेनिश महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले को हाइकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एस चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, एसपी दुमका को मामले में प्रतिवादी बनाते हुए एसपी दुमका से रिपोर्ट मांगी थी।