रांची। राज्य में निकाय चुनाव को लेकर राज्य सरकार की अपील पर अब विस्तृत सुनवाई 27 अगस्त को होगी। मामले की सुनवाई हाइकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में गुरुवार को हुई। इससे पहले गुरुवार को सुबह 10:30 बजे प्रतिवादी पूर्व पार्षद रोशनी खलखो की ओर से कोर्ट से इस केस की जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद खंडपीठ ने मामले की सुनवाई दोपहर 3:45 निर्धारित की। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार आॅनलाइन रूप से जुड़े। प्रतिवादी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह ने कोर्ट से कहा कि राज्य सरकार निकाय चुनाव कराने को लेकर टालमटोल रवैया अपना रही है। हर बार समय लेकर इस मामले को टालने का प्रयास सरकार कर रही है। एकल पीठ का आदेश उनके पक्ष में आया है और वह सही है। संविधान के अनुसार राज्य में अविलंब निकाय चुनाव होना चाहिए।
दरअसल, तीन सप्ताह में राज्य में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने के 4 जनवरी 2024 के हाईकोर्ट के एकल पीठ के आदेश को रद्द करने को लेकर राज्य सरकार की ओर से अपील ( एलपीए) दायर की गयी है। खंडपीठ ने पूर्व में मामले में हाइकोर्ट की एकल पीठ के द्वारा पारित आदेश पर रोक लगाने से
इनकार किया था ।
अपील में क्या कहा है राज्य सरकार ने अपील( एलपीए) में राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि पिछड़ा आयोग को ही डेडीकेटेड कमीशन के रूप में नियुक्त कर दिया गया है। यह राज्य के जिलों में ओबीसी की आबादी का आकलन करेगी और इस संबंध में डाटा राज्य सरकार को उपलब्ध करायेगी। इसके आधार पर निकाय चुनाव में वार्डों में ओबीसी के लिए आरक्षण दिया जायेगा। इसलिए निकाय चुनाव पूरा करने के लिए समय दिया जाये। राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश पर तत्काल रोक लगाने एवं एकल पीठ के आदेश को रद्द करने का आग्रह हाइकोर्ट से किया है। अपील में राज्य सरकार ने झारखंड म्यूनिसिपल एक्ट के प्रोविजन का हवाला देते हुए नगर निगम में प्रशासक की नियुक्ति को सही ठहराया है।
नगर निकाय चुनाव जल्द कराने का आग्रह
यहां बता दे कि राज्य में नगर निकायों का चुनाव जल्द कराने को लेकर पूर्व पार्षद रोशनी खलखो सहित अन्य की याचिका को हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि तीन सप्ताह में झारखंड में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करें।