Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Tuesday, June 9
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»दुनिया»नेपाल के पूर्व राष्ट्रपति भंडारी और उपराष्ट्रपति किशाेर पुनः दलगत राजनीति में सक्रिय
    दुनिया

    नेपाल के पूर्व राष्ट्रपति भंडारी और उपराष्ट्रपति किशाेर पुनः दलगत राजनीति में सक्रिय

    shivam kumarBy shivam kumarJanuary 3, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    काठमांडू। आम तौर पर संवैधानिक भूमिका में रहे राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचने वाला व्यक्ति पद से हटने के बाद दलगत राजनीति में सक्रिय नहीं होता है। संविधान द्वारा प्रदत्त इस पद की गरिमा का मान रखते हुए जो भी व्यक्ति देश के इन दो सर्वोच्च पदों पर पहुंचता है ताे वह अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद सक्रिय राजनीति से अघोषित संन्यास ले लेता है।

    लेकिन नेपाल में यह विषय अपवाद का बन गया है। देश का संविधान जारी होने के बाद पहली बार राष्ट्रपति चुनी गईं विद्या भण्डारी और उपराष्ट्रपति नन्द किशोर दोनों ही पुन:

    एक साथ दलगत राजनीति में सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं । इस पद आने से पहले भंडारी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) की उपाध्यक्ष थीं वहीं किशाेर माओवादी पार्टी के केंद्रीय सदस्य थे।

    राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद ये दोनों ही पिछले कुछ दिनों से सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दे रहे हैं। गुरुवार को हुई माओवादी केंद्रीय सचिवालय की बैठक में शामिल नन्द किशोर पुन: को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी है। माओवादी पार्टी के महासचिव देव गुरूंग ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष प्रचण्ड ने सचिवालय बैठक में पूर्व उपराष्ट्रपति पुन: को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है।

    उधर पूर्व राष्ट्रपति विद्या भंडारी ने भी अलग-अलग मीडिया को दिए साक्षात्कार में खुद के दलगत राजनीति में सक्रिय होने का संदेश दे दिया है। उनका तर्क है कि नेपाल के संविधान में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि जो व्यक्ति राष्ट्रपति के पर पर पहुंच गया हो वह पुनः सक्रिय राजनीति में नहीं आ सकता है।

    यह महज संयोग ही है कि जिस दिन पूर्व उपराष्ट्रपति माओवादी की पार्टी बैठक में सहभागी हुए उसी दिन यानि गुरुवार को ही पार्टी सचिवालय की बैठक के तुरंत बाद प्रधानमंत्री समेत रहे एमाले पार्टी के अध्यक्ष सीधे विद्या भण्डारी के निवास पहुंच कर उनसे ढाई घंटे तक चर्चा की थी। भंडारी को फिर से राजनीति में सक्रिय करने और आने वाले पार्टी महाधिवेशन से उनको अध्यक्ष बनाने के लिए एक बड़ा समूह लगा हुआ है।

    एमाले के नेता गोकुल बास्कोटा ने कहा कि विद्या भंडारी पहले भी पार्टी उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुकी है अगर आने वाले महाधिवेशन से उनको पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाता है तो निश्चित ही पार्टी और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। उनका तर्क है कि केपी ओली के बाद पूरी पार्टी में एक वो ही ऐसी नेता हैं जो सर्वसम्मति से नेतृत्व से सकती हैं।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि विद्या भंडारी को पार्टी का कमान सौंपा जाता है तो पिछले पांच वर्ष में जितने भी बड़े-बड़े नेता पार्टी छोड़ कर गए हैं वो सब वापस पार्टी में वापस आ सकते हैं और उनके नेतृत्व में नेपाल के सभी कम्युनिष्ट दलों को फिर से एक किया जा सकता है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleदक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति येओल के आवास पर पुलिस बल के पहुंचे जांच अधिकारी 
    Next Article प्रधानमंत्री मोदी आज दिल्ली में करेंगे तीन आवासीय योजनाओं का उद्घाटन
    shivam kumar

      Related Posts

      नेपाल का ‘जेन जी’ आंदोलन: सुशासन की आड़ में संसद फूंकने की थी बड़ी साजिश, मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा!

      May 28, 2026

      नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से पांच प्रमुख राजमार्ग बाधित, यातायात प्रभावित

      May 28, 2026

      अमेरिका की कागज मिल में केमिकल टैंक फटा, कई लोगों की मौत

      May 27, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • सरकार का दावा- देश में पेट्रोल-डीजल और घरेलू रसोई गैस का पर्याप्त भंडार
      • TMC नेता जहांगीर खान गिरफ्तार, स्पेशल टास्क फोर्स ने नेपाल बॉर्डर से पकड़ा
      • टीएमसी में टूट की अटकलें तेज, भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे सुखेंदु शेखर सहित 14 सांसद
      • राज्यसभा की दो सीटों पर झारखंड में घमासान: बैद्यनाथ राम, प्रणव झा और परिमल नथवानी मैदान में; नामांकन के बाद सियासी हलचल तेज
      • ‘गरीब कल्याण योजना’ मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : अमित शाह
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version