Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Tuesday, October 6
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»देश»कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोली भाजपा, गांधी परिवार देश के कानून से ऊपर नहीं
    देश

    कांग्रेस के प्रदर्शन पर बोली भाजपा, गांधी परिवार देश के कानून से ऊपर नहीं

    shivam kumarBy shivam kumarApril 16, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी ) की चार्जशीट के बाद राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस देशभर में प्रदर्शन कर रही है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा )ने पलटवार करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने गैरकानूनी तरीके से हजारों करोड़ की संपत्ति पर कब्जा किया है। कांग्रेस को धरना देने का अधिकार है, लेकिन जमीन लूटने का नहीं। देश के कानून से कांग्रेस परिवार ऊपर नहीं है।

    बुधवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बहुत परेशान है और देशभर में धरना देने की बात कर रही है। धरना देने का अधिकार उनका है, लेकिन जमीन और फंड लूटने का अधिकार उन्हें (कांग्रेस को) नहीं है। नेशनल हेराल्ड 1937 में शुरू किया गया था। इसमें 5 हजार शेयर होल्डर्स थे। ये नेहरू खानदान की जागीर कभी नहीं रही है। 2008 में नेशनल हेराल्ड का पब्लिकेशन बंद हो गया, क्योंकि वो चल नहीं रह था। उसके बाद कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड को पब्लिश करने वाली एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को 90 करोड़ रुपये दिए थे।

    गांधी परिवार का पूरा आचरण भ्रष्टाचार का रहा है। शेयर की हेराफेरी करो और संपत्ति बनाओ, जबकि ये सारी संपत्ति सरकार द्वारा दी हुई थी। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने राजनीतिक पार्टी होने के बावजूद पार्टी फंड को एक निजी संस्था को दे दिया, जो प्रतिबंधित है। जब कंपनी ने लोन वापस करने से मना कर दिया, तो पूरी संपत्ति परिवार के नाम करने की कॉरपोरेट साजिश की गई। यंग इंडियन नाम की एक नई कंपनी बनाई गई, जिसमें 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गांधी और सोनिया गांधी के पास थी। उन्होंने कहा कि हम भाजपा की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछना चाहते हैं कि क्या कानून को अपना काम नहीं करना चाहिए? हजारों करोड़ की संपत्ति पर आपने गैरकानूनी और गलत तरीके से कब्जा कर लिया है, तो क्या हमें इस पर चुप रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि परिवार ने 90 करोड़ की संपत्ति सिर्फ 50 लाख में खरीद ली। परिवार के एक अन्य सदस्य ने 3 करोड़ में जमीन खरीदी और उसका व्यवसायीकरण करके उसे 58 करोड़ में बेच दिया। यह है ‘विकास का गांधी मॉडल’। एक बात जो याद रखनी चाहिए कि सोनिया और राहुल गांधी जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने जांच को खत्म करने का हर संभव प्रयास किया। अदालत द्वारा दी गई एकमात्र राहत यह थी कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं थी। जांच चार साल से चल रही है और अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। कांग्रेस को इन मूर्खतापूर्ण विरोध प्रदर्शनों में शामिल होकर खुद को मूर्ख नहीं बनाना चाहिए। वे इस देश के मालिक नहीं हैं और न ही सोनिया गांधी और न ही राहुल गांधी देश के कानून से ऊपर हैं।

    उल्लेखनीय है कि इसकी शुरुआत एक नवंबर 2012 को भाजपा नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दिल्ली की एक अदालत में दायर की गई शिकायत से हुई थी, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सत्ता में थी। आरोप यह था कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी एक नई गठित कंपनी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल) का अधिग्रहण करने के लिए धोखाधड़ी की गतिविधियों में लिप्त थे, जिसमें उनकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी थी।

    शिकायत के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एजीएल को 90.25 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया। इसके बाद यह ऋण 50 लाख रुपये की मामूली राशि पर यंग इंडियन को सौंप दिया गया। इस लेन-देन ने एजीएल की व्यापक रियल एस्टेट होल्डिंग्स, जिसकी कीमत लगभग 2,000 करोड़ रुपए है, का नियंत्रण यंग इंडियन को सौंप दिया, जो मुख्य रूप से सोनिया और राहुल गांधी की स्वामित्व वाली कंपनी है। इस चाल ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन किया, क्योंकि राजनीतिक दलों को वाणिज्यिक लेनदेन में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया है। तभी से कांग्रेस ने अपने वकीलों की टोली के साथ बार-बार अदालतों से राहत मांगी है। लेकिन वे हर बार विफल रहे हैं।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleनासिक में अवैध दरगाह पर चला बुलडोजर, पथराव में 31 पुलिसकर्मी घायल, 15 गिरफ्तार
    Next Article रांची में इडी ऑफिस के बाहर कांग्रेस का हल्ला बोल, केशव महतो ने भाजपा पर किया तीखा प्रहार
    shivam kumar

      Related Posts

      ‘फॉर्म 6 में किसने बदलाव किया, फैसला सर्वसम्मति से हुआ या बहुमत से?’ CEC के निलंबन की मांग SC ने ठुकराई

      October 5, 2026

      दिल्ली में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- अपराध होने के बाद कार्रवाई नहीं, पहले रोकथाम जरूरी

      October 5, 2026

      श्रीनगर में मुंबई के नागरिक की जमीन खरीद पर सियासी बवाल, डोमिसाइल कानूनों पर उठे सवाल

      October 5, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • साहिबगंज में CSP से 2.45 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
      • दुर्गा पूजा को लेकर झारखंड में कड़ी सुरक्षा, छह हजार पुलिस जवान और पांच हजार होमगार्ड होंगे तैनात
      • 8 अक्टूबर को रांची आएंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की करेंगे समीक्षा
      • रांची समेत कई इलाकों में बारिश से गिरा तापमान, नौ अक्टूबर तक वज्रपात और तेज हवा का येलो अलर्ट
      • ‘फॉर्म 6 में किसने बदलाव किया, फैसला सर्वसम्मति से हुआ या बहुमत से?’ CEC के निलंबन की मांग SC ने ठुकराई
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version