रांची। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली एनडीए और सीडीएस परीक्षा 2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने पुख्ता तैयारियां कर ली हैं। आगामी 12 अप्रैल को होने वाली इस परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी कुमार रजत ने सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 लागू करने का आदेश जारी किया है। यह निषेधाज्ञा परीक्षा के दिन सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिससे केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर रोक रहेगी।
प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री और वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने सभी केंद्रों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की है। प्रशासन को अंदेशा है कि कुछ असामाजिक तत्व भीड़ का फायदा उठाकर परीक्षा प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ सकते हैं। इसी के मद्देनजर लागू किए गए आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के पास पांच या उससे अधिक लोगों के जमा होने, किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) का उपयोग करने और अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा केंद्रों के आसपास किसी भी तरह की सभा या विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
यह कड़ा आदेश रांची शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बरियातू, लालपुर, धुर्वा और कांके सहित कुल 19 केंद्रों पर लागू किया गया है। हालांकि, परीक्षा ड्यूटी में तैनात सरकारी कर्मचारियों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें ताकि देश की प्रतिष्ठित रक्षा परीक्षाओं को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

