रांची। टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े आरोपी नीरज मित्तल की याचिका पर बुधवार को झारखंड हाइकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस केस पर अब कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
नीरज मित्तल ने अपनी याचिका में अदालत से अनुरोध किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पीएमएलए के तहत दर्ज ECIR मामले की सुनवाई पर रोक लगाई जाए। उनका तर्क है कि जिस मूल केस के आधार पर ED ने कार्रवाई शुरू की है, उसमें अब तक पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है।
याचिकाकर्ता के अनुसार, बिना चार्जशीट के ही ED की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है और ट्रायल भी तेजी पकड़ चुका है, जो न्यायसंगत नहीं है। इस पर रोक लगाने की मांग की गई है। मामले में ED की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा।
गौरतलब है कि नीरज मित्तल, निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के करीबी सहयोगी रहे हैं। ED ने 21 फरवरी 2023 को पहली बड़ी छापेमारी करते हुए रांची, जमशेदपुर, पटना और दिल्ली समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इसके बाद वीरेंद्र राम सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
वहीं, 6 और 7 मई 2024 को हुई दूसरी बड़ी कार्रवाई में कई इंजीनियरों, ठेकेदारों और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जहां से 32.20 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे।

