काठमांडू। नेपाल सरकार ने भारतीय पर्यटकों तथा भारत के रास्ते नेपाल आने वाले अन्य देशों के पर्यटकों के वाहन की प्रवेश सुविधा देने के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू की है। इस प्रणाली का उद्घाटन वित्त मंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने एक कार्यक्रम के दौरान किया। कस्टम विभाग ने स्थल मार्ग से नेपाल में प्रवेश करने वाले विदेशी वाहनों के लिए ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जिससे वे ऑनलाइन ही अपना विवरण भरकर राजस्व भुगतान कर सकते हैं। नई प्रणाली लागू होने के बाद अब नेपाल में वाहन लेकर आने वाले भारतीय और तृतीय देश के पर्यटक ऑनलाइन ही अपनी जानकारी दर्ज करके शुल्क जमा कर सकते हैं। पहले ऐसे वाहनों को भन्सार नाके पर पहुंचकर भौतिक रूप से अस्थायी अनुमति लेनी पड़ती थी।
यात्रा अवधि समाप्त होने पर नवीनीकरण के लिए भन्सार नाके पर जाना पड़ता था या जुर्माना भरना पड़ता था, लेकिन अब पर्यटक घर से ही ऑनलाइन माध्यम से वाहन का परमिट भरकर और भुगतान करके बिना झंझट नेपाल यात्रा कर सकते हैं। नई सेवा का शुभारंभ करते हुए वित्त मंत्री डा. वाग्ले ने कहा कि इससे सीमा क्षेत्रों में पर्यटकों को होने वाली परेशानियां खत्म होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सुशासन और तेज, गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवा देने की प्रतिबद्धता के तहत यह पहल की गई है। हम चाहते हैं कि पर्यटकों को कोई कठिनाई न हो और सरकारी सेवाएं तेज और सरल हों।
भन्सार विभाग के महानिर्देशक श्यामप्रसाद भण्डारी ने बताया कि अब नेपाल में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों के परमिट पूरी तरह डिजिटल हो गए हैं। यात्री और पर्यटक अब अपने वाहनों का विवरण ऑनलाइन स्वयं घोषित कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।नेपाल सरकार को देय राजस्व भी पर्यटक वाहन ऑनलाइन या बैंक काउंटर के माध्यम से जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान करने वाले वाहन भन्सार में अपने ईमेल पर प्राप्त क्यूआर कोड दिखाकर नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं।
विभाग के अनुसार यात्रा अवधि समाप्त होने पर पर्यटक नेपाल के भीतर से ही ऑनलाइन माध्यम से उसे बढ़ा सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए कस्टम विभाग की वेबसाइट पर जाकर ‘हमारी सेवाएं’ के अंतर्गत टीआईवी (अस्थायी वाहन आयात) विकल्प चुनना होगा और वहां आवश्यक विवरण भरना होगा। सभी जानकारी भरने के बाद उपयोगकर्ता को एक क्यूआर कोड प्राप्त होगा, जिसके आधार पर शुल्क भुगतान कर वाहन नेपाल में प्रवेश कर सकता है। नेपाल के भीतर यात्रा के दौरान भी यही क्यूआर कोड दिखाना होगा।
विभाग ने बताया कि यह प्रणाली नेपाल राष्ट्रीय एकद्वार प्रणाली के तहत विकसित की गई है, ताकि विदेशी नागरिकों के लिए सुविधा बढ़ाई जा सके।फिलहाल यह सेवा भारत और अन्य देशों से आने वाले पर्यटक वाहनों के लिए लागू की गई है। विभाग के अनुसार अभी चीन के रास्ते स्थल मार्ग से वाहन आना कम है, लेकिन भविष्य में उनके लिए भी यह सेवा उपलब्ध रहेगी। वर्तमान में इस सेवा से विशेष रूप से भारत और बांग्लादेश के पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

