पलामू। पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रबदा गांव में सोमवार की सुबह अंधविश्वास के चलते एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई। यहाँ एक कलयुगी चाचा ने अपने 13 वर्षीय नाबालिग भतीजे की बेरहमी से चाकू गोदकर और गला दबाकर हत्या कर दी। मृतक बच्चे की पहचान साधु बैठा के इकलौते बेटे रोशन बैठा के रूप में हुई है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना सुबह लगभग 6:30 बजे की है, जब रोशन अपने घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान उसका चाचा अनिल बैठा चेहरे को कपड़े से ढककर वहां पहुंचा। अनिल ने रोशन को चुपके से पकड़ा और घर से करीब 500 मीटर दूर एक खेत के पास ले गया। वहां उसने धारदार चाकू से बच्चे के पेट और पीठ पर ताबड़तोड़ कई वार किए और फिर गला दबाकर उसकी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस वारदात को कुछ ग्रामीणों ने दूर से देख लिया और तुरंत परिजनों को इसकी खबर दी।
इस भयानक अपराध के पीछे अंधविश्वास और रंजिश की बात सामने आ रही है। दरअसल, एक साल पहले आरोपी अनिल बैठा के बेटे की मौत हो गई थी। अनिल को यह शक था कि उसकी चाची (रोशन की दादी) समुद्री देवी ने तंत्र-मंत्र और भूत-प्रेत का सहारा लेकर उसके बेटे को मारा है। इसी रंजिश और वहम में उसने मौका पाकर अपने ही भतीजे को निशाना बना लिया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। सूचना मिलते ही डीएसपी राजेश यादव और अवर निरीक्षक बाबूलाल दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी लाल जी के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की। घटना के कुछ ही घंटों बाद आरोपी अनिल बैठा को घटनास्थल से 5 किलोमीटर दूर कुमनी के जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ वह छिपा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

