-नए ओपीडी-आईपीडी मरीजों और नई सर्जरी पर रोक, मंत्री बोले- मरीजों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं
मुकेश कुमार सिंह
लातेहार। लातेहार स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के निर्देश पर रांची के रिंग रोड स्थित ट्यूलिप हॉस्पिटल के खिलाफ बड़ी नियामकीय कार्रवाई की गयी है। 10 सितंबर को अस्पताल में हुई घटना को गंभीरता से लेते हुए रांची सिविल सर्जन को जांच और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया था। इसके बाद क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स अधिनियम, 2010 एवं झारखंड नियम, 2013 के तहत अस्पताल का पंजीकरण/लाइसेंस तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया गया।निलंबन अवधि में नए ओपीडी मरीजों का पंजीकरण व इलाज, नए आईपीडी मरीजों की भर्ती तथा नई वैकल्पिक सर्जरी एवं अन्य नई क्लिनिकल सेवाओं पर रोक रहेगी। हालांकि, पहले से भर्ती मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानांतरण की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।अस्पताल को घटना से जुड़े केस शीट, रजिस्टर, जांच रिपोर्ट, ड्यूटी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज समेत सभी साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा गया है। मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि अस्पताल इलाज के लिए हैं, मरीजों या परिजनों के साथ दबंगई और दुर्व्यवहार के लिए नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन, मनमानी या सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री ने शव रोककर बकाया राशि वसूलने जैसी शिकायतों पर भी कड़ी चेतावनी दी। बताते चले की यह कार्रवाई इसलिए माननीय मंत्री के द्वारा की गई थी लातेहार जिला के चंदवा प्रखंड के मरिज ट्यूलिप अस्पताल में इलाज करने गए थे इलाज करने के दौरान डॉक्टर जितेंद्र सिंह और अस्पताल के अस्पताल कर्मियों के द्वारा बाहर से सामाजिक तत्वों को बुलाकर इलाज रथ मरीज के परिजनों को बेरहमी से मारपीट किया गया और उसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे सभी को अस्पताल के लोगों के द्वारा मारपीट की गई इसी को देखते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री माननीय डॉक्टर इरफान अंसारी ने टयूलिप हॉस्पिटल के लाइसेंस को जांच उपरांत निलंबित कर दिया है।

