नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उप-राज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट में पक्षकार बनने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की है। हालांकि, केंद्र सरकार ने उनकी इस अर्जी का विरोध किया है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किरण बेदी के पास प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है और इस व्यापक जनहित के मामले में अदालत उनके अनुभव का लाभ उठा सकती है।
केंद्र सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि उन्हें किरण बेदी की पक्षकार बनने की अर्जी का विरोध करने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल किया जाएगा।
इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किरण बेदी देश की एक जिम्मेदार नागरिक हैं और उनके पास प्रशासनिक अनुभव का बड़ा दायरा है। अदालत ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में उनके अनुभव का उपयोग किया जा सकता है।
इसके बाद हाई कोर्ट ने किरण बेदी की अर्जी स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार और एमसीडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को निर्धारित की गई है। इसी दिन इस प्रकरण से जुड़ी अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी।

