न्यूयॉर्क। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कहा है कि सीमा पार आतंकवाद भारत की प्रमुख सुरक्षा चिंताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि किसी साझेदार देश की ओर से भारत की इस चिंता को पर्याप्त रूप से समझा या महत्व नहीं दिया जाता है, तो इसका असर द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।
• आतंकवाद को लेकर भारत की चिंता का किया जिक्र
न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा के दौरान जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से पड़ोसी देश से होने वाले आतंकवाद का सामना करता रहा है और यह भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दा है।
• अमेरिका के साथ संबंधों पर क्या बोले जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि किसी साझेदार के साथ संबंधों में दोनों देशों की संवेदनशीलताओं और प्राथमिकताओं को समझना जरूरी है। उनके अनुसार, यदि भारत की प्रमुख चिंताओं को साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो इसका व्यापक संबंधों पर असर पड़ सकता है।
• पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संपर्क के बीच आया बयान
जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल के महीनों में संपर्क बढ़ा है। इसी संदर्भ में भारत की ओर से सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपनी चिंताओं को लगातार सामने रखा जाता रहा है। जयशंकर ने अपने संबोधन में पड़ोसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को पाकिस्तान के संदर्भ में देखा गया।
• व्यापार और टैरिफ भी बातचीत का हिस्सा
भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा के दौरान व्यापार और अमेरिकी टैरिफ से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख हुआ। जयशंकर ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग मुद्दों पर मौजूद मतभेदों को सुलझाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत संबंधों को आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है, लेकिन इसके लिए सामने मौजूद मुद्दों पर काम करना होगा।
• भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर भी जोर
जयशंकर ने वैश्विक व्यवस्था में बढ़ती बहुध्रुवीयता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ाता है। भारत-अमेरिका संबंधों के साथ-साथ अन्य प्रमुख देशों के साथ भारत के संबंध भी उसकी विदेश नीति का हिस्सा हैं।

