Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Thursday, October 15
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Jharkhand Top News»झारखंड हाईकोर्ट सख्त: पुल ध्वस्त मामलों की जांच 3 महीने में पूरी करने का आदेश, धनबाद-पलामू-गुमला के SP को निर्देश
    Jharkhand Top News

    झारखंड हाईकोर्ट सख्त: पुल ध्वस्त मामलों की जांच 3 महीने में पूरी करने का आदेश, धनबाद-पलामू-गुमला के SP को निर्देश

    shivam kumarBy shivam kumarOctober 15, 2026No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में पुलों के ध्वस्त होने से जुड़े एक दशक से अधिक पुराने मामलों की जांच में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने बुधवार को जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए धनबाद, पलामू और गुमला जिलों में दर्ज प्राथमिकियों की जांच तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है।

    तीन जिलों के SP को अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

    अदालत ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे जांच पूरी कर तीन महीने के भीतर संबंधित न्यायालयों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173 के तहत अंतिम रिपोर्ट दाखिल कराने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आपराधिक जांच को एक दशक से अधिक समय तक लंबित रखना न्याय व्यवस्था और संबंधित पक्षों के अधिकारों, दोनों के लिए उचित नहीं है।

    ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को भी निर्देश

    हाईकोर्ट ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को भी निर्देश दिया है कि पुलों के ढहने से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लंबित विभागीय कार्यवाही की प्रगति की निगरानी करें और विभागीय प्रक्रिया को कानून के अनुसार अधिमानतः तीन महीने के भीतर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएं। अदालत ने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा के बाद संबंधित एसपी और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को अनुपालन शपथपत्र दाखिल करना होगा। यदि जांच या विभागीय कार्रवाई तय समय में पूरी नहीं होती है, तो शपथपत्र में देरी के स्पष्ट कारण बताने होंगे और संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे।

    क्या है पूरा मामला?

    यह आदेश पंकज कुमार यादव की ओर से दायर जनहित याचिका पर आया है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों में पुलों के ध्वस्त होने, निर्माण में कथित अनियमितताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गौर किया कि धनबाद, पलामू और गुमला में पुलों के ढहने से जुड़े मामले वर्ष 2009 से 2015 के बीच दर्ज हुए थे, लेकिन इनकी जांच अब तक लंबित है।

    याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप

    याचिकाकर्ता ने ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता और प्रभारी अभियंता प्रमुख बीरेंद्र राम के खिलाफ जांच की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि धनबाद, खूंटी, पलामू और गुमला में कई पुलों के ध्वस्त होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने प्रधान महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट और मीडिया में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुए नए सिरे से जांच कराने की मांग की थी।

    बीरेंद्र राम के भतीजे से 2.45 करोड़ बरामद होने का मामला

    याचिका में बीरेंद्र राम के भतीजे आलोक रंजन के पास से करीब 2.45 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का मामला भी उठाया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह राशि भ्रष्टाचार से अर्जित की गई थी और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने बीरेंद्र राम को प्रभारी अभियंता प्रमुख के पद से हटाने की भी मांग की थी।

    ईडी की जांच में अभियोजन शिकायत दाखिल

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बीरेंद्र राम के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। राज्य सरकार के शपथपत्र के अनुसार, 21 अप्रैल 2023 को बीरेंद्र कुमार राम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की गई थी। संबंधित विशेष अदालत ने 29 अप्रैल 2023 को इसका संज्ञान लिया और मामला फिलहाल विचाराधीन है।

    अदालत ने कहा कि जब जांच के बाद अभियोजन शिकायत दाखिल हो चुकी है और विशेष अदालत संज्ञान ले चुकी है, तो उसी विषय पर समानांतर निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने बीरेंद्र राम को पद से हटाने की मांग भी खारिज कर दी और स्पष्ट किया कि किसी सरकारी अधिकारी को जांच लंबित रहने के दौरान पद पर बनाए रखना है या नहीं, यह सामान्यतः राज्य सरकार और सक्षम अनुशासनिक प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

    सरकार ने अदालत को दिया कार्रवाई का ब्योरा

    राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल शपथपत्र में बताया कि पुलों के ध्वस्त होने के विभिन्न मामलों में विभागीय जांच, तकनीकी जांच और कार्रवाई की गई है। धनबाद के निरसा में बराकर नदी पर वर्ष 2009 में पुल ध्वस्त होने के मामले में संबंधित अभियंता को निलंबित किया गया था। विभागीय कार्यवाही शुरू करने के साथ ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे दस वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया। बीआईटी मेसरा से तकनीकी जांच भी कराई गई।

    खूंटी के कर्रा प्रखंड में तजना नदी पर वर्ष 2015 में पुल क्षतिग्रस्त होने के मामले में संबंधित अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया। पलामू के डालटनगंज में कोयल नदी पर पुल ध्वस्त होने के मामले में विभागीय और तकनीकी जांच कराई गई। गुमला जिले में विभिन्न नदियों पर पुलों के क्षतिग्रस्त होने के मामलों में वर्ष 2011 में मानसून के दौरान पुलों को नुकसान पहुंचने के बाद तत्कालीन अधीक्षण अभियंता और 17 कनीय अभियंताओं को निलंबित किया गया था।

    ACB जांच और विभागीय जांच में विरोधाभास

    इस मामले में एक बड़ा विरोधाभास भी सामने आया है। धनबाद में बराकर नदी पर 22.10 करोड़ की लागत से बने पुल के क्षतिग्रस्त होने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जांच कर 2017 में तथ्यों की भूल करार देते हुए कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी और किसी को दोषी नहीं पाया। लेकिन विभागीय जांच में इसी मामले में छह इंजीनियरों को दोषी करार देते हुए वेतन वृद्धि और प्रोन्नति पर रोक की सजा दी गई। ठेकेदार गणेश राम डोकानिया को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया।

    ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि राज्य में पुलों के निर्माण में भारी गड़बड़ी हो रही है। विभाग ने मामले की जांच के बाद चार जिलों के नौ पुलों में गड़बड़ी की बात स्वीकारी है। इसमें कहा गया है कि गड़बड़ियों के लिए छह से अधिक अभियंताओं पर कार्रवाई की गई है और दो ठेकेदारों को काली सूची में डाला गया है।

    पहले भी लग चुका है जुर्माना

    यह पहली बार नहीं है जब हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया हो। इससे पहले 17 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट ने पुल गिरने की जांच पर सरकार द्वारा जवाब दाखिल न करने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। अदालत ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को चेतावनी दी थी कि यदि अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं किया गया तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा और यह राशि प्रार्थी को दी जाएगी, जिसका वहन राज्य के खजाने से नहीं किया जाएगा।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleधर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट
    shivam kumar

      Related Posts

      धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट

      October 15, 2026

      नवरात्रि का चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, मंत्र, आरती और प्रिय भोग

      October 14, 2026

      रांची में आज से खुलेंगे दुर्गा पूजा पंडालों के पट, बृहदेश्वर से लेकर कैलाश धाम के होंगे दर्शन

      October 14, 2026
      Add A Comment
      Leave A Reply Cancel Reply

      Recent Posts
      • झारखंड हाईकोर्ट सख्त: पुल ध्वस्त मामलों की जांच 3 महीने में पूरी करने का आदेश, धनबाद-पलामू-गुमला के SP को निर्देश
      • धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट
      • फ्लाइट में अब नहीं ले जा सकेंगे इस कंपनी का पावरबैंक; इंडिगो विमान हादसे के बाद DGCA का बड़ा फैसला
      • नवरात्रि का चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा, जानें विधि, मंत्र, आरती और प्रिय भोग
      • रांची में आज से खुलेंगे दुर्गा पूजा पंडालों के पट, बृहदेश्वर से लेकर कैलाश धाम के होंगे दर्शन
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version