नयी दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कहा कि झारखंड में कथित नक्सलियों के खिलाफ शुरू की गयी धन शोधन जांच के सिलसिले में 2.89 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गयी है। केंद्रीय जांच एजेंसी के एक बयान के मुताबिक कुर्क की गयी संपत्तियों में बिनोद कुमार गंझू, प्रदीप राम जैसे माओवादियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद चल एवं अचल संपत्ति शामिल हैं। धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत इडी ने संपत्तियों को अस्थायी तौर पर कुर्क करने का आदेश दिया था। बयान में कहा गया है कि अचल संपत्तियां झारखंड के हजारीबाग जिले में हैं और चल संपत्तियों में आरोपियों के घरों से जब्त 1.49 करोड़ रुपये नकद, 89 लाख रुपया मूल्य के पांच वाहन और आठ बैंक खातों में कुल 35.18 लाख रुपये का बैंक जमा शामिल हैं।
टीपीसी द्वारा चतरा जिले के मगध-आम्रपाली कोयला क्षेत्र में ठेकेदारों और कोयला व्यापारियों से आपराधिक वसूली और भयादोहन का है। टीपीसी को झारखंड सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है और इसके ज्यादातर सदस्य भाकपा माओवादी के पूर्व सदस्य हैं। इडी ने राज्य पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बिनोद, प्रदीप अन्य नक्सलियों के साथ मगध आर्गेनाइजिंग कमेटी और आम्रपाली शांति समिति के नाम से स्थानीय समितियां चला रहे हैं तथा इन समितियों की आड़ में आरोपियों ने ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डिलेवरी आर्डर धारकों और कोयला व्यापारियों से लेवी वसूली की, जिसे टीपीसी सदस्यों को सौंपा गया।
झारखंड में नक्सलियों की “2.89 करोड़ की संपत्ति इडी ने की कुर्क
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