मां बनने का सौभाग्य जिस महिला को प्राप्त नहीं होती है उस महिला से पूछिए मां की ममता क्या होतती है। ऐसी ही एक बानगी चाईबासा जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड के पंडावीर गांव में देखने को मिली, जो एक मां ने नौ माह तक बच्चे को कोख में रखा और जन्म दिया उसके बाद मां ने बच्ची को एक गढ्ढे में फेक कर चली गई. चींटी और कीड़े-मकोड़े को खाने के लिए। भगवान का शुक्र है कि गांव के आस पास के लोग बच्चे की चीख सुनी और एक नवजात शिशु पाया गया। जिसे मां की ममता शर्मशार होती दिख रही है। सोमवार को चाईबासा सदर प्रखंड के पंडावीर पंचायत के रोआवली गांव के निकट एक गढ्ढे से एक नवजात शिशु बरामद किया गया है. ग्रामीणों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवजात शिशु को सदर अस्पताल के कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. कुपोषण उपचार केंद्र के नवजात शिशु का इलाज कर रहे डाक्टर जगन्नाथ हेम्ब्रम ने बताया कि नवजात एक गढ्ढे में पडा था, जिसे चीटिंयों और कीडे-मकोडों ने पैर हाथ-हाथ को काफी नुकसान पहुंचाया है. पूरे हाथ-पैर में जगह घाव के निशान हैं. जिसका इलाज किया जा रहा है. पहले से स्थिति थोडी बेहतर जरूर है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है, शिशू को बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं.
चाईबासा में मां की ममता हुई शर्मशार, गढ्ढे में मिला नवजात शिशु
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