नयी दिल्ली: वर्ष 2016 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वाले 25 बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया। इन 25 बच्चों में 13 लड़के और 12 लड़कियां शामिल हैं। सम्मानित होने के बाद यह बच्चे 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होंगे। इसमें 4 बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया है। सम्मान पाने वाले बच्चों में केरल से 4, दिल्ली से 3, वेस्ट बंगाल और छत्तीसगढ़ के 2-2 बच्चे शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, असम, हिमाचल प्रदेश, नगालैंड, उत्तराखंड, राजस्थान, ओडिशा औप कर्नाटक से 1-1 बच्चे शामिल हैं। मरणोपरांत सम्मानित होने वाले 4 बच्चों में से मिजोरम से 2, अरुणाचल और जम्मू से 1-1 बच्चे शामिल हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों से कहा कि आप सभी इतने दिनों से एक साथ घूम रहे हैं, यह मौका आप सभी की दोस्ती बढ़ाने का है। मोदी ने अपने संबोधन के दौरान बच्चों को मेलजोल बढ़ाने के टिप्स दिए। बच्चों से पूछा कि उनके अंदर क्या सबसे खास है, मोदी ने कहा कि आपने साहस दिखाया और उस घटना को अपना बना लिया। ये एक पल था, जिसमें आपने फैसला लेने की क्षमता दिखाई और किसी की जिंदगी बच गई। ये सिर्फ एक शुरूआत है मंजिल नहीं।
मिजोरम की बहादुर बेटी : सम्मान पाने वालों में मिजोरम की कुमारी रोलापुई भी शामिल है। साल 2016 में 13 साल की ये बच्ची स्कूल की पिकनिक पर गई थी। यहां अपनी 3 सहेलियों को डूबते देखकर रोलापुई ने जान की परवाह किए बगैर नदी में छलांग लगा दी। उसने तीनों को तो बचा लिया लेकिन खुद नहीं बच पाई। 7 भाई-बहनों में सबसे छोटी रोलापुई के माता-पिता कहते हैं कि उनकी बेटी का कारनामा हर बच्चे के लिए मिसाल है।
अरुणाचल की वीरांगना: अरुणाचल प्रदेश की तार पीजू को मरणोपरांत भारत अवॉर्ड से नवाजा गया है। महज 8 साल की पीजू ने अपनी जान देकर 2 सहेलियों को डूबने से बचाया था। वो बड़ी होकर आईएएस अफसर बनना चाहती थी।
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