नई दिल्ली। दिल्ली समेत पूरे देश में ऑक्सीजन संकट को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने फिर से सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा, पूरे देश में लोग ऑक्सीजन के लिए रो रहे हैं। लोगों की जानें जा रहीं हैं। कैसे आप इतने असंवेदनशील हो सकते हैं? ये लोगों के इमोशन से जुड़ा हुआ मामला है। लोगों की जान खतरे में है। इस पर आप आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन हम नहीं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर आप ऑक्सीजन सप्लाई का मैनेजमेंट आईआईटी और आईआईएम को दे दें तो वे इसे बेहतर तरीके से संभाल लेंगे। इसमें आईआईएम के एक्सपट्र्स और ब्रिलियंट माइंड वाले लोगों को जोडऩा चाहिए। कोर्ट ने ये बातें दिल्ली के मायाराम हॉस्पिटल की तरफ से दायर पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कहीं। कोर्ट को एमिकस क्यूरी ने बताया कि महाराष्ट्र में ऑक्सीजन की डिमांड अभी कम है। ऐसे में वहां भेजी जा रही सप्लाई में कटौती कर दिल्ली को दी जा सकती है। क्यूरी ने ये भी कहा कि ऑक्सीजन को स्टोर किया जा सकता है। जिससे आपात स्थिति में किसी की जान न जाए। वहीं कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई देने के लिए कहा गया है। हर हाल में ये सप्लाई होनी चाहिए।